चार सप्ताह पूर्व लापता हुए युवक के न मिलने पर जस्सागांजा के ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। दर्जनों की संख्या में कोतवाली पहुंचे ग्रामीणों ने ब्रजेश को ढूंढकर लाओ की नारेबाजी कर हंगामा काटा। मामला बढ़ता देख कोतवाल कैलाश पंवार ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया।
भाजयुमो के बैनर तले कोतवाली पहुंचे ग्रामीणों ने कहा ग्राम जस्सागांजा निवासी ब्रजेश पुत्र किशनराम 13 जुलाई को दिल्ली से रामनगर आया था।
भवानीगंज चौराहे पर पहुंचने पर उसने अपने दोस्तों को फोन कर उसे लेनेे आने की बात कही। दोस्त ने समय न होने का हवाला देते हुए आने से इंकार कर दिया।
इसके बाद से उनका फोन भी बंद हो गया। ग्रामीणों ने कोतवाल कैलाश पंवार का घेराव करते हुए कहा कि अब तक पुलिस युवक की तलाश नहीं कर पाई है।
इससे उनका परिवार मानसिक रूप से परेशानी में है। कोतवाल कैलाश पंवार के ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि युवक को जल्द तलाश लिया जाएगा।
इस दौरान भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह जलाल, अरविंद गुंसाई, मनमोहन सिंह बिष्ट, रमेश चंद्र, भूपेंद्र खाती, विमला देवी, मोहनी देवी, बसंती देवी, शोभा देवी, पदमा देवी, रूपा देवी, भारती देवी, मुन्नी देवी, धना देवी, धमेंद्र सिंह, अजय पाल, जगदीश लोहनी, गोविंद, प्रदीप कुमार आदि मौजूद थे।
रविवार को लापता युवक को खोजने की मांग को लेकर जब ग्रामीणों का हुजूम कोतवाली पहुंचा तो पुलिस ने मामला बढ़ता देख कैमरा सेट करवाना शुरू कर दिया। कैमरा सेट कर रहे युवक की नजर जब मीडिया के कैमरे पर पड़ी तो वह खुद को कैमरे से बचाने का प्रयास करने लगा।
जब ग्रामीण कोतवाली में बृजेश को ढूंढकर लाओ के नारे लगा रहे थे तो बृजेश की मां फफक फफक कर रो पड़ीं। बृजेश की मां ने बताया उन्हें अपने बेटे पर विश्वास है कि वह अपनी मां को छोड़कर कही नहीं जा सकता। उन्हें उम्मीद है कि एक दिन उनका बेटा जरूर घर वापस आएगा।