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पहले दिन मंथन में चिंतन छोड़ ‘सब दिखा’

Wed, 21 Jan 2015 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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कांग्रेस का दो दिनी मंथन शिविर मंगलवार को यहां काठगोदाम सर्किट हाउस में शुरू हुआ। शिविर में गुबार इस कदर फूटा कि उसके लपेटे में कांग्रेस की केंद्र की राजनीति से लेकर राज्य की राजनीति तक आ गई। जसपुर के विधायक डा. शैलेंद्र मोहन सिंघल इतने मुखर रहे कि कही-अनकही सब कह गए। उन्होंने कांग्रेसियों के कथित रूप से अवैध खनन में लिप्त होने की बात कहकर वहां मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।
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कुमाऊं स्तरीय मंथन शिविर में कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्या समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
मंथन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का गुट यहां भी हावी रहा।

विधायक डा. सिंघल भी पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की गाज एक ही पर क्यों गिरी। परिवर्तन से पहले रायशुमारी क्यों नहीं हुई। सरकार की छवि खराब होने में कई और लोग भी दोषी थे। ऐसे लोगों को क्यों बचाया गया। उन्होंने कहा कि अगर परिवर्तन इतना आवश्यक हो गया था तो कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि लालबत्ती या दायित्व बांटने से पहले जिलाध्यक्षों की राय लेनी चाहिए, जिससे पता चल सके कि दायित्व सक्रिय और जिम्मेदार व्यक्ति को दिया गया है। घर से न निकलने वालों को अगर दायित्व दिया गया तो पार्टी का बंटाधार हो जाएगा। 
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डा. सिंघल ने केंद्र में भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न होने से 2014 के चुनाव में पार्टी की लुटिया डूबी। डा. सिंघल ने कहा कि दिल्ली में चुनाव से ऐन वक्त पहले अजय माकन के बेतुके बयान (पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का सूर्य अस्त हो चुका है) से पार्टी को नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे बेतुके बयानबाजी करने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस का उद्धार होना मुश्किल है।

विधायक डा. सिंघल ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश के सभी नेताओं की बैठक कर समन्वय स्थापित करने की नसीहत दी थी। बड़े नेताओं पर नसीहत का कोई असर नहीं हुआ है। बड़े नेता कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक राजेंद्र दुर्गापाल ने तो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर ही निशाना साधा। कहा कि राहुल कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं करते हैं। दुर्गापाल ने कहा कि कांग्रेस के फ्रंटल संगठन मृत प्राय हो चुके हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार भी कांग्रेस से दूर हो रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को जोड़ने का काम किया था, इसे फिर से शुरू किया जाना चाहिए। कांग्रेस की प्रदेश सचिव बीना जोशी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है, अगर हालात ऐसे ही रहे तो 2017 में पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियां बताकर ही लोगों को सदस्य बनाया जाना चाहिए।
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