फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीना पहाड़ी से फिर गिरे बोल्डर, दहशत

विज्ञापन
नैनीताल में पहाड़ी रव‌िवार को दरक गई। भूस्खलन के कारण उठता धूल का गुबार। - फोटो : NAINITAL
विज्ञापन
नैनीताल। लॉकडाउन के बीच रविवार को नैनीताल की सबसे ऊंची चोटी चीना पीक से फिर बोल्डर गिरने से मल्लीताल के ऊपरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। बीती 29 जनवरी को इस क्षेत्र में भूस्खलन के बाद से करीब दो माह में यह दूसरा मौका है जब यह पहाड़ी दरकी है।
विज्ञापन

भारतीय शहीद सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य बीएस मेहता ने दोपहर में तेज आवाज के साथ बोल्डर गिरने से उठता धूल का गुबार देखा। इसका वीडियो भी देखते ही देखते वायरल हो गया। मेहता ने बताया कि चीना पीक की पहाड़ी में रविवार को फिर भूस्खलन हुआ वीडियो में पहाड़ी से गिरते मलबे की आवाज साफ सुनाई दे रही है और धूल का गुबार भी दिखाई दे रहा है।
इससे पूर्व गत 29 जनवरी को भी इसी क्षेत्र में पहाड़ी में दरार आई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन की टीम ने लोनिवि, जीएसआई, आपदा प्रबंधन और भू वैज्ञानिकों के साथ इस पहाड़ी का निरीक्षण किया था। मैपिंग के आधार पर पहाड़ी का ट्रीटमेंट भी करने की बात कही थी।
विज्ञापन

समुद्र तल से करीब 8600 फीट की ऊंचाई पर स्थित चीना पीक की ये पहाड़ी अधिक ढलान वाली है। इस क्षेत्र में 90 के दशक में भी कई बार भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं। तब इसका मलबा वर्तमान हाईकोर्ट के ऊपर तक आ गया था और दहशत में कई लोगों ने अपने घर खाली कर दिए थे।
उसके बाद पहाड़ी में वायर मैश लगाकर और पौध रोपण कर बोल्डरों को रोकने के प्रयास किए गए थे। लेकिन तीन दशक तक शांत रहने के बाद दो माह के दौरान दो बार भूस्खलन होने से इसकी तलहटी में हंस निवास, चीना हाउस, मेलरोज कंपाउंड, हाइकोर्ट, पॉलीटेक्निक, पंत सदन, गैस गोदाम, स्विस होटल, शेरवानी हिल टॉप आदि क्षेत्रों के लिए फिर खतरा पैदा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें