हल्द्वानी। बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। जलाशयों और मुर्गी फार्मों में जांच बढ़ा दी गई है। पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. बीसी कर्नाटक ने बताया कि अल्मोड़ा और रुद्रपुर में पशुपालन विभाग की लैब हैं। जहां बर्ड फ्लू से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी। फिलहाल अल्मोड़ा के हवालबाग और रुद्रपुर के सितारगंज में टीम पहुंची है। यहां जल स्रोतों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक कुमाऊं में बर्ड फ्लू का कोई भी मामला नहीं मिला है। विभाग की कोशिश है कि आम लोगों को जागरूक किया जाए। अगर कहीं भी कोई मरा हुआ पक्षी मिले तो तुरंत बताएं।
विकास भवन में कंट्रोल रूम खुला
भीमताल (नैनीताल)। विकास भवन में मुख्य पशु चिकित्सालय कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है। पशु चिकित्साधिकारियों और पशुधन प्रसार अधिकारियों को मुर्गे, मुर्गियों, बत्तखों और प्रवासी पक्षियों पर नजर रखने को कहा गया है। वहीं रैपिड रिसपांस टीम में शामिल पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपाली लालवानी ने बताया कि टीम क्षेत्र में मुर्गे, मुर्गियों, बत्तखों और प्रवासी पक्षियों पर नजर बनाए हुए हैं। अगर किसी भी पक्षी पर बर्ड फ्लू की बीमारी के लक्षण मिले तो उसके सैंपल को रोग निदान प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को मुर्गी फार्मों, जलाशयों का निरीक्षण करना है। किसी भी पक्षी की मृत्यु पर उसे जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में नजर रखी जाएगी।
- डॉ. बीसी कर्नाटक, अपर निदेशक, पशुपालन विभाग