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बिन गुरु ज्ञान के दे रहे परीक्षा

Thu, 21 May 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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उच्चशिक्षा में सुधार के लिए भले ही हाईकोर्ट कोई आदेश जारी किए, लेकिन उच्चशिक्षा विभाग और शासन पर न्यायालय के आदेश का भी कोई असर नहीं हुआ। बेतालघाट में राजकीय महाविद्यालय में एक भी प्राध्यापक की तैनाती नहीं हुई है, जिस कारण साल भर तक बीए में सभी विषयों की कभी क्लास नहीं लगी, लेकिन बच्चे कुमाऊं विश्वविद्यालय की परीक्षाएं अवश्य दे रहे हैं।
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जिले के दुर्गम क्षेत्र बेतालघाट में मुख्यमंत्री की घोषणा पर पिछले साल वर्ष 2014 में राजकीय महाविद्यालय खोला गया था। महाविद्यालय के लिए जब कोई भवन नहीं मिला तो जीआईसी के खंडहर हास्टल में ही इसे किसी तरह शुरू कर दिया गया। शुरुआत में महाविद्यालय में कला संकाय शुरू किया गया, बीए प्रथम वर्ष में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, संस्कृत, अर्थशास्त्र समेत सात विषय प्रारंभ किए गए। दुर्गम क्षेत्र में महाविद्यालय खुलने पर इसमें 73 छात्र-छात्राओं ने एडमिशन भी लिया। पिछले साल सितंबर में महाविद्यालय शुरू हुआ, लेकिन साल भर तक किसी भी विषय का प्राध्यापक नहीं पहुंचा।

इस कारण बीए की सभी विषयों की एक बार भी क्लास नहीं लगी। उच्चशिक्षा निदेशालय ने इसमें प्राचार्य की जो तैनाती की वह भी कामर्स के हैं, इसलिए वह भी बीए का कोई विषय नहीं पढ़ा सकते। अगर वहीं कला विषय का कोई प्राचार्य होता तो कम से कम एक विषय तो चल सकता था। हालांकि उच्चशिक्षा निदेशालय ने कई बार प्राध्यापकों की वहां तैनाती की मगर ज्वाइन करने कोई नहीं पहुंचा। इस राजकीय महाविद्यालय में पूरे सत्र पढ़ाई तो नहीं हुई पर इस समय कुमाऊं विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं अवश्य हो रहीं हैं। बिना गुरु से ज्ञान मिले बगैर जो विद्यार्थी वार्षिक परीक्षाएं दे रहे उनका रिजल्ट कैसा होगा यह तो भविष्य ही बताएगा।
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कालेज के प्राचार्य पीके पाठक का कहना है कि जब आयोग से चयनित समाजशास्त्र और राजनीतिशास्त्र के प्राध्यापकों ने ज्वाइन नहीं किया तो उच्चशिक्षा निदेशालय ने द्वाराहाट कालेज के एक प्राध्यापक को अटैच किया था, कुछ दिन इसी प्राध्यापक ने क्लास ली।

नए शिक्षा सत्र से कोई भी महाविद्यालय बिना शिक्षक के नहीं रहेगा, ऐसा उच्चशिक्षा मंत्री का भी निर्देश है, जिन महाविद्यालयों में पद रिक्त या फिर नए महाविद्यालय खुले हैं वहां तैनाती नई नियुक्तियों से या स्थानांतरण से की जाएगी। इस दिशा में उच्चशिक्षा निदेशालय पर कार्रवाई की जा रही है। -डा. बीसी मेलकानी, निदेशक उच्चशिक्षा
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