नैनीताल नगर में ग्रीष्मकालीन सीजन अपने चरम पर है और वाहनों का रेला उमड़ा पड़ा है। इनमें बहुत बड़ी तादाद बाहर से आने वाले दोपहिया वाहनों की भी है जिनसे भरी अव्यवस्था फैल रही है। कारों के लिए तो फिर भी शहर में प्रवेश के लिए एक सीमा और नियम निर्धारित हैं, वो कितने कारगर हैं वो अलग बात है, लेकिन दोपहिया वाहनों के लिए तो कई रोक टोक नहीं है। जिसके चलते यह नैनीताल शहर के अंदर जाम, अव्यवस्था और दुर्घटना का भी कारण बनते हैं। पैदल चलने वालों को तो सबसे परेशानी और खतरा भी इन्हीं से रहता है और इन दिनों नगर में पैदल चलना तक दूभर है। वाहन स्वामी अक्सर दोपहिया वाहनों को सड़क किनारे खड़े कर भ्रमण पर निकल जाते हैं, जिससे तमाम सड़कें इन वाहनों से पटी पड़ी रहती हैं।
नैनीताल के प्रवेश द्वार रूसी बाईपास, नारायण नगर व भवाली सेनिटोरियम की ओर से नगर में कारों के प्रवेश के लिए कुछ प्रतिबंध अवश्य हैं और एक सीमा के बाद कारें निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने दी जातीं। वहां से पर्यटकों को शटल सेवा से नगर में लाया जाता है, लेकिन यहां दोपहिया वाहनों के लिए कोई रोक नहीं है। ऐसे में इनके अंधाधुंध प्रवेश से शहर के भीतर जाम की स्थिति बन जाती है। जबकि बीते वर्षों में पीक सीजन के साथ ही नव वर्ष और भीड़ वाले अन्य मौकों पर पुलिस प्रशासन की ओर से दोपहिया वाहनों की शहर में एंट्री को रेगुलेट और प्रतिबंधित किया जाता रहा है।
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कारों की ही तरह शहर के बाहर बनाई गई अस्थायी पार्किंग में दोपहिया वाहनों को भी रोक कर यात्रियों को शटल सेवा के माध्यम से नैनीताल भेजा जाता था, लेकिन इस वर्ष अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। हल्द्वानी, रामनगर, यूपी, दिल्ली के साथ ही निकटवर्ती तमाम अन्य इलाकों से पर्यटक भारी संख्या में दोपहिया वाहनों से यहां बेरोकटोक पहुंचते हैं और जहां तहां आड़े तिरछे वाहन पार्क करते हैं, जिससे जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अलावा तेज गति से चलाने के कारण पैदल यात्री हर समय दुर्घटना के प्रति आशंकित रहते हैं।
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प्राइवेट दोपहिया वाहनों को टैक्सी में चला रहे
नैनीताल। शहर में सैलानियों की बढ़ती आमद को देखते हुए लोग निजी दोपहिया वाहनों को किराए पर दे रहे हैं। ऐसे में वह नियमों के विरुद्ध यहां वाहनों का संचालन कर रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही चालानी कार्रवाही के साथ ही दोपहिया वाहनों को सीज किया जा रहा है।
पूर्व में हो चुके हैं कई हादसे
नैनीताल। तेज गति दोपहिया वाहन चलाने से शहर के भीतर कई हादसे हो चुके हैं। कुछ माह पूर्व मेट्रोपाेल के समीप तेज रफ्तार स्कूटी चालक ने महिला को टक्कर मार दी थी, जिसका इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा अपर माल रोड में भी तेज रफ्तार के चलते बाइक अनियंत्रित होकर गिरी। उपचार के दौरान इसमें भी एक युवक की मौत हो गई। इसके अलावा शहर में कई हादसे हुए हैं जिसमें राहगीर घायल हुए हैं।
जिले में मात्र तीन स्पीडोमीटर
नैनीताल। जिले में मात्र तीन ही स्पीडोमीटर हैं। नैनीताल शहर की बात करें तो अधिक गति पर दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने पर चालान नहीं हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीधी सड़क पर ही वाहन की गति का अंदाजा लगाया जा सकता है, शहर के भीतर ऐसी सड़कें नहीं हैं।
शहर के भीतर वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रवेश द्वार में दोपहिया वाहनों को रोका जाएगा। शनिवार और रविवार को दोपहिया वाहनों के प्रवेश शहर में प्रतिबंध लगाया जाएगा। निजी वाहनों को किराए पर देने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही चालानी कार्रवाई समेत वाहन सीज करने तक की कार्रवाई की जा रही है।
- हरबंश सिंह, एसपी यातायात व क्राइम नैनीताल।