जज्बा, जुनून, हिम्मत और हौसला हो तो कुछ भी करना नामुमकिन नहीं। एक सेलुलर कंपनी में रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीशियन की नौकरी छोड़कर संभल के शिव प्रताप सिंह ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। एक साल की कड़ी मेहनत और एक-एक रुपया जोड़कर करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च कर उसने अनोखी मोटरसाइकिल तैयार की है।
दावा है यह बाइक डीजल इंजन के साथ सौ किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है। शिव प्रताप सिंह की तमन्ना है कि वे दुनिया का पहला मैग्नेटिक इंजन बनाए, जिस पर वे 2002 से काम भी कर रहे हैं। ये इंजन बिना ईंधन के मैग्नेटिक पावर से चलेगा।
हाल में सरनाकोठी हल्द्वानी में रह रहे शिव प्रताप ने करीब एक साल पहले कबाड़ी बाजार से 11 हजार रुपए में एक कबाड़ सूरज बुलेट खरीदी थी। इसके बाद शिव कुमार ने उसमें अपने सपने को तलाशा और लग गया उसे चलताऊ बनाने में। उसने दिन-रात मेहनत की। पुराने डीजल इंजन को खोलकर रिपेयर किया।
उसने इंजन में एक एक्सट्रा गियर बॉक्स लगाया जो कि इकोनॉमी मोड में चलने के लिए है। इसे लगाने के साथ ही इंजन का 70 का माइलेज 100 किमी प्रति लीटर हो गया। इसके बाद गाड़ी के चेसिस को पूरी तरह मॉडिफाई किया। गाड़ी में जीप के टायर लगाए, डबल साइलेंसर लगाया और फोकस हैडलैंप लगाए।
325 सीसी इंजन के साथ गाड़ी की लंबाई साढे़ सात फीट, वजन करीब दो क्विंटल है, जबकि 120 की टॉप स्पीड इसका इंजन निकाल सकता है।
रविवार दोपहर एमबीपीजी कालेज के बाहर उसकी गाड़ी देखने वालों की भीड़ लग गई। शिव प्रताप अपने इंजन को अब पेटेंट कराना चाहते हैं। वे इसके लिए अपने पिता अरुनेश सिंह और दादा बाबू सिंह को प्रेरणास्रोत मानते हैं।