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भीमताल झील से पानी छोड़ने पर असमंजस

Mon, 02 May 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, भीमताल (नैनीताल)।
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भीमताल झील - फोटो : अमर उजाला
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लगातार बढ़ती गर्मी से जहां तराई भाबर में पेयजल संकट के आसार बन रहे हैं, वहीं इस बार मई-जून में भीमताल झील से तराई भाबर को पानी छोड़ा जाएगा या नहीं इसे लेकर भी  असमंजस बना हुआ है। हालांकि अभी तक तराई सिंचाई खंड हल्द्वानी के अधिकारियों ने अपने नैनीताल स्थित विभागीय अधिकारियों के पास कोई ऐसा पत्र नहीं भेजा है, जिसमें भीमताल झील से पानी छोड़ने की मांग की गई हो।

बता दें कि ब्रिटिश काल से ही हर वर्ष 15 मई को भीमताल झील के तटबंध पर बने स्कैब गेटों को खोलकर तराई भाबर के लिए पानी छोड़ने की परंपरा रही है, लेकिन पिछले साल स्थानीय लोगों, पर्यटन कारोबारियों और व्यापार मंडल के विरोध के चलते डीएम ने भीमताल झील से तराई भाबर को पानी छोड़ने पर रोक लगा दी थी।
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पानी न छोड़ने के पीछे लोगों का तर्क था कि झील से छोड़ा जाने वाला पानी तराई भाबर तक पहुंचता नहीं है, बल्कि जमीन में ही रिस जाता है। इससे भीमताल झील खाली हो जाती है। आरटीआई के तहत भी जब सिंचाई विभाग से पूछा गया था कि भीमताल झील से छोड़ा जाने वाला कितना पानी तराई भाबर तक (गौला नदी) तक पहुंचता है तो विभागीय अधिकारी इसका कोई जवाब नहीं दे सके थे। 

सिंचाई के लिए भी छोड़ा जाता है झील का पानी
भीमताल (नैनीताल)। भीमताल झील से छोड़ा जाने वाला पानी गौला नदी तक पहुंचता है या नहीं यह तो किसी को पता नहीं लेकिन इस पानी का उपयोग बिलासपुर और ढुंगशिल के ग्रामीण सिंचाई के लिए करते हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन गांवों के काश्तकारों की मांग पर झील से पानी छोड़ा जाता है। 


पांच साल में झील का जल स्तर सबसे न्यूनतम
भीमताल (नैनीताल)। भीमताल झील की कुल जल भंडारण क्षमता 45 फिट है। झील से लगा तटबंध 126 साल पुराना और जर्जर हो चुका है, लिहाजा सिंचाई विभाग झील में अधिकतम 44 फिट जल भंडारण ही करता है। लेकिन गर्मियों में झील का जल स्तर अत्यधिक नीचे चला जाता है। वर्ष 2012 में अप्रैल में झील का जल स्तर 38.8 फुट था जबकि वर्ष 2013 में 42 फुट, 2014 में 40.4 फुट, 2015 में 43.8 फुट और इस वर्ष शनिवार को जल स्तर महज 37.7 फुट ही दर्ज किया गया है। दूसरी ओर वर्ष 2012 में क्षेत्र में 21 एमएल बारिश हुई थी जबकि उसके बाद 2013 में 26 एमएल, 2014 में 6 एमएल, 2015 में 150 एमएल और इस बार अभी तक बारिश हुई ही नहीं है।
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पिछले साल अप्रैल में गौला नदी में पर्याप्त पानी था, लेकिन इस बार गौला नदी में पानी बेहद कम है। ऐसे में हल्द्वानी में पेयजल संकट होने की स्थिति में भीमताल झील से पानी छोड़ा जाएगा। हर साल 15 मई से पानी छोड़ा जाता है। सही स्थिति 15 मई को ही पता चल सकेगी। 
-डीसी सिंह मुख्य अभियंता (उत्तर) उत्तराखंड सिंचाई विभाग



 
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