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कारोबार: त्योहार पर दिल्ली, लखनऊ और जयपुर तक महकेंगे भीमताल के फूल, कारोबारियों के चेहरे खिले

Tue, 29 Oct 2024 12:38 PM IST
हीरा मेहरा हरीश चंद्र पांडे, संवाद

सार

भीमताल क्षेत्र को फूलों की घाटी के रूप में भी जाना जाने लगा है। भीमताल और भवाली क्षेत्र में फूलों की नर्सरी से अनुमानित तीन करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपये तक का सालाना फूलों का कारोबार किया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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इस दीपावली पर दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू तक भीमताल के फूलों की खुशबू महकेगी। साथ ही मां लक्ष्मी को भी फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए देशभर के विभिन्न राज्यों से भीमताल और भवाली में फूलों की नर्सरी से फूलों की ब्रिकी हो रही है। फूलों का काम 15 सितंबर से दिसंबर तक चलता है।

भीमताल क्षेत्र को फूलों की घाटी के रूप में भी जाना जाने लगा है। भीमताल और भवाली क्षेत्र में फूलों की नर्सरी से अनुमानित तीन करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपये तक का सालाना फूलों का कारोबार किया जाता है। इन जगहों पर 30 से अधिक नर्सरियां है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 250 से अधिक लोगों का रोजगार चलता है। साथ ही पिकअप और कैंटर चालकों को भी रोजगार मिलता है। 

 

इन फूलों की है सबसे अधिक डिमांड

भीमताल और भवाली में फूलों का अच्छा उत्पादन होता है। फूलों की खेती के लिए भीमताल और भवाली का मौसम अनुकूल होने से यहां फूलों का अच्छा कारोबार होता है। यहां की नर्सरियों में हाजरी, गेंदा, जाफरी, स्लोसिया, विंका, डेंथस, जरबेरा, सरकुलेंट, जरेनियम, रेनोकुलर, लिली, सेंकलामेंट, केलालिली समेत तमाम अन्य प्रजातियों के फूलों की खेती की जाती है।

 

देश के कोने-कोने तक पहुंच रहे फूल

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भीमताल और भवाली के फूलों की ब्रिकी दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, लुधियाना, लखनऊ, कानपुर, बनारस, जम्मू, जयपुर, सहारनपुर, गाजियाबाद, देहरादून समेत अन्य शहरों में हो रही है।

 

फूलों की ब्रिकी से कारोबारी भी हैं खुश
भीमताल में गोलोरी गार्डन एरा के राकेश बिष्ट, कुलदीप कुमार, आरपी फोलरी टैक के पंकज मेहता, राजू रावत, हिमालयन नर्सरी के वसीम और बुद्धिसेन ने बताया कि भीमताल के फूलों की डिमांड देश के अलग-अलग राज्यों से आ रही है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। वहीं, उद्यान विभाग की ओर से भी फूलों की खेती के लिए सब्सिडी पर पॉलीहाउस का लाभ दिया जा रहा है।

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