जिंदगी में कल कभी नहीं आता, लेकिन मौत किसी भी वक्त आ सकती है। मतदाता दिवस 25 जनवरी से ठीक एक दिन पहले नैनीताल विस क्षेत्र की 104 साल की बुजर्ग मतदाता नंदी देवी दुनिया से चल बसीं।
उन्हें मतदाता दिवस पर प्रशासन की ओर सम्मानित किया जाना था, मगर इस बार सम्मान से पहले सांसों ने ही शरीर का साथ छोड़ दिया।
शतायु वोटरों की सूची में शामिल नंदी पिछले साल भी सम्मानित हुई थीं। ज्योलीकोट के भल्यूटी गांव निवासी नंदी देवी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ भी थीं। शुक्रवार आधी रात को उनका निधन हुआ।
धार्मिक और शांत स्वभाव की नंदी अपने इकलौते बेटे नरेंद्र रावत के साथ रहती थीं। नरेंद्र बताते हैं कि मां ने जीवन के झंझावतों का सामना करते हुए सरलता और संघर्ष के साथ लंबे अर्से तक घर और खेतीबाड़ी को संभाला। नंदी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में अंतिम बार मतदान किया।
उनके पहले मतदान के बारे में परिजनों को भी मालूम नहीं है। 2009 के बाद पैरों की अक्षमता के चलते वह मतदान नहीं कर पाईं।
भल्यूटी सहित आसपास के गांवों में बेहद आदरणीय नंदी देवी परंपरागत रीतिरिवाजों से भी गहराई से जुड़ीं थीं। नंदी के निधन पर नैनीताल की विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत सदस्य डा. हरीश बिष्ट, भुवन रावत, चंदन कोटलिया, हरगोविंद सिंह रावत, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री जया बिष्ट, जीवन बर्गली समेत तमाम लोगों ने दुख जताया है।