सुशीला तिवारी अस्पताल में नाबालिग ने एक शिशु को जन्म दिया। किशोरी का प्रेमी उसी के अपहरण के आरोप में जेल में बंद है। इधर, बच्चा जन्म देने की सूचना पर प्रेमी का पिता नवजात को लेने के लिए अस्पताल पहुंच गया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच हंगामा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
रामनगर क्षेत्र की एक किशोरी को पड़ोसी युवक भगाकर ले गया था। पुलिस ने उसे किशोरी के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को किशोरी ने एसटीएच में नवजात (पुत्र) को जन्म दिया। इस बात की जानकारी मिलने पर प्रेमी का पिता अस्पताल आया और बेटे पर अपना हक जताने लगा।
इधर, किशोरी के परिजन उससे भिड़ गए। अस्पताल में हंगामा बढ़ने पर पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। किशोरी के परिजनों का कहना था कि अभी मुकदमे का निर्णय नहीं हुआ है। इस कारण प्रेमी के पिता को बच्चे को लेने का हक नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले में अदालत से निर्णय होने पर ही बच्चे की सुपुर्दगी का मामला स्पष्ट होगा।