मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी आरती की बारात पौने आठ बजे शाम को पहुंची। कलश पूजा के बाद दूल्हे गौरव ने पंडाल में प्रवेश किया। मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने दामाद गौरव का हाथ पकड़कर धूलीअर्घ स्थल तक ले गए।
दामाद गौरव के चरण धोकर उन्हें चौकी पर चढ़ाया। शाकोचार के बाद दूल्हे का टीका और आरती उतारी गई। इसके बाद जयमाल हुई और देर रात कन्यादान के साथ ही दोनों एक-दूजे के हो गए।