नैनीताल। प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों का परंपरागत विषयों से मोह धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। युवा अब व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रति ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी वजह से कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में परंपरागत विषयों में कम प्रवेश हो रहे हैं। व्यावसायिक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है।
डीएसबी परिसर में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया बीती 18 जुलाई से शुरू हुई थी। वर्तमान तक बीए की 600 सीटों में केवल 200, बीकाॅम 180 सीटों में 100 व बीएससी की 360 सीटों में 174 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की है। बीए, बीएससी, बीकॉम में दो वरीयता सूची जारी हो चुकी है। स्ववित्त पोषित कोर्स बीकॉम ऑनर्स, बीसीए, बीबीए, बीएससी फॉरेस्ट्री, बीएससी एग्रीकल्चर आदि में सीटों से तीन गुना अधिक छात्रों ने आवेदन किया है।
स्ववित्तपोषित कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले काउंसलिंग से मेरिट सूची जारी करनी पड़ रही है। बीबीए की 120 सीटों के लिए 50, बीकॉम आनर्स की 60 सीटों पर 45, बीसीए की 40 सीटों पर 18 छात्रों ने अभी तक प्रवेश लिया है। बीसीए के विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष मेहता ने बताया निर्धारित सीटों से तीन गुना अधिक छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। छात्रों का व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर रुझान अधिक है।