बेस अस्पताल में डीएम के छापे के बाद डाक्टर राजनैतिक लामबंदी में जुट गए हैं। मुलायम सिंह यादव की युवा विंग समाजवादी युवजन सभा आम जनता के हितों को दरकिनार करते हुए डाक्टरों के समर्थन में उतर आए और प्रदर्शन किया। इधर, अस्पताल में राड नहीं होने से कई रोगियों के हड्डी के ऑपरेशन नहीं हो सके। साथ ही ओपीडी में ईएनटी का कोई डाक्टर नहीं होने से भी रोगियों को परेशानी हुई। ईएनटी के एक डाक्टर मुनस्यारी में शिविर में गए हैं, जबकि दूसरे डाक्टर अहमदाबाद अपने बीमार भाई को देखने गए हैं। इस कारण नियमित और संविदा के दोनों डाक्टर छुट्टी पर हैं। उधर, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने भी बेस अस्पताल का दौरा कर रोगियों को मिलने वाली सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
डीएम ने बृहस्पतिवार को बेस अस्पताल में छापा मारा था। इस दौरान तमाम खामियां मिलने के साथ ही कमीशनखोरी के खेल का भी खुलासा हुआ था। डीएम ने एक डाक्टर समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करने के निर्देश सीएमएस को दिए थे। इससे क्षुब्ध बेस अस्पताल के डाक्टरों का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से भी मिला था। शनिवार को इस प्रकरण में कोई और तो सामने नहीं आया लेकिन जनता के दुख दर्द की बात करने वाली मुलायम सिंह यादव पार्टी समाजवादी युवजन सभा ही डाक्टरों के पक्ष में उतर आई। लगता है कि सपा का जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है। समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष इशरत अली के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर को बेस अस्पताल पहुंचे और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के सामने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
उन्होंने प्रमुख अधीक्षक डा. एससी पंत को ज्ञापन सौंप कर इस्तीफा देने वाले डा. प्रदीप पांडेय को वापस बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि बेस अस्पताल से अगर डा. पांडेय चले गए तो गरीब और बेसहारा मरीजों का इलाज करने वाला कोई नहीं होगा। अगर शासन प्रशासन ने डाक्टर को वापस बुलाने के प्रयास नहीं किए तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रशासन को कई साल से धूल चाट रही सीटी स्कैन मशीन को चालू कराने के प्रयास भी करने चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में आलिम अंसारी, आसिफ अंसारी, जिक्रे इलाही, यामिन खां, उस्मान खां, अनीस, शमीम खां, आसिफ अली, सईद, रियाज, सलाउद्दीन कुरैशी, नोमान मिकरानी, इरशाद सिद्दीकी, नफीस खां, असलम अंसारी, यामीन सलमानी, वसीम हैदर, सादाब, शाहिद, मेहबूब आदि थे।
- बेस अस्पताल में ओपीडी में दिखाने आए बरेली रोड निवासी मोतीराम (65) का कहना था कि पैरों में दर्द की पीड़ा से परेशान हूं, कई दिनों से इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं हो रहा है।
- गांधीनगर निवासी सुमन का कहना था कि अस्पताल से दवा कम होने की बात कह कर डाक्टर द्वारा बाहर की दवा लिख दी जाती है। मजबूरी में दवा तो खरीदनी पड़ती ही है मगर आज बाहर की पर्ची नहीं लिखी। वह एलर्जी का इलाज कराने के लिए आई थी।
. मुरारजी नगर निवासी कल्यान हाथ दिखाने ओपीडी में आए थे। उनका कहना था कि अब पहले जैसे डाक्टर कहां हैं जो गरीबों को दवा अपने पास से दे देते थे। अस्पताल में दवा न होने पर बाहर से लिख देते हैं।
. लालकुआं निवासी संजना बेस अस्पताल ईएनटी के डाक्टर को दिखाने आई थी। उसका कहना था कि दो घंटे से परेशान घूम रही हैं मगर कोई डाक्टर नहीं है। वह अपनी नाक की पीड़ा से परेशान थी। महिला का कहना था कि लालकुअंा से आने जाने का किराया भी बेकार गया।
अस्पताल में 15 दिन से ब्लड शुगर की दवा नहीं
कुमाऊं के सबसे बड़ा अस्पताल सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय में दवाओं का भी टोटा है। रोगियों ने शिकायत की कि 15 दिनों से अस्पताल में ब्लड शुगर की जीवन रक्षक दवा नहीं मिल रही है। इस बारे में दवा काउंटर से पूछा तो काउंटर से भी दवा न होने की पुष्टि की गई। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एससी पंत ने कहा कि आज ही उनके पास ब्लड शुगर की दवा न होने की शिकायत आई है, लेकिन स्टोर इंचार्ज ने उन्हें दवा न होने के विषय में कोई जानकारी नहीं दी। कंपनी को आर्डर तो पिछले दिनों दिया गया था फिर ब्लड शुगर की दवा क्यों नहीं आई इस बारे में सोमवार को स्टोर इंचार्ज के आने पर पूछा जाएगा। फिलहाल दवा की व्यवस्था कराई जा रही है।