हल्द्वानी। राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के द्विवार्षिक जिला अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बंशीधर अंडोला को अध्यक्ष और डॉ. मधुसूदन मिश्र को महामंत्री बनाया गया।
जीजीआईसी में हुए कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश और विशिष्ट अतिथि मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. हृदयेश ने प्रधानाचार्य को शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सांस्कारिक विकास का प्रमुख स्रोत बताते हुए बेहतर समाज की रचना में योगदान देने की अपील की।
मेयर डॉ. रौतेला ने कहा कि प्रधानाचार्य को अपने पद के अनुरूप समाज की दिशा और दशा तय करने में सहयोग करना होगा। मंडलीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रौतेला ने शैक्षिक विकास में प्रधानाचार्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। अधिवेशन के दूसरे सत्र में विभागीय पर्यवेक्षक एवं सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा पद्माकर मिश्र की देखरेख में एसोसिएशन का चुनाव हुआ। निवर्तमान जिलाध्यक्ष डीआर आर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में भुवन चंद्र कांडपाल, विनोद जोशी, प्रयाग रावत, केएस रौतेला, निर्मला जोशी, एमसी पंत, गणेश सिंह खाती, ओपी सिंह, सुरेश कुशवाहा, कुंदन सिंह आदि थे।
इन्हें भी मिली जिम्मेदारी
बलवंत सिंह मनराल को उपाध्यक्ष, खड़क सिंह मनराल को संगठन मंत्री, बाल मुकुंद तिवारी को संयुक्त मंत्री बनाया गया। मनोज उप्रेती आयव्यय निरीक्षक, देवी दत्त सुयाल कोषाध्यक्ष, प्रदीप तिवारी प्रवक्ता और डीआर आर्य संरक्षक बनाए गए।
प्रमुख मांगें
- प्रधानाचार्यों के चिकित्सा अवकाश प्रकरणों का निदेशालय स्तर से हटाकर अपर शिक्षा निदेशक के स्तर से कराया जाए।
- अप्रैल 2016 से राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यरत तदर्थ प्रधानाचार्यों को विनियमित किया जाए।
- सितंबर 2016 से बाद मौलिक रूप से नियुक्त राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों को इंटर कॉलेजों के रिक्त पदों के प्रति प्रधानाचार्य के रूप में पदोन्नत किया जाए।
- लंबे समय से दुर्गम स्कूलों में तैनात प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्यों को सुगम में स्थानांतरित किया जाए।
- प्रधानाचार्य का पद शैक्षिक संवर्ग का है इसलिए प्रधानाचार्यों को शैक्षिक संवर्ग की भांति प्रति वर्ष तीन विशेष अवकाश स्वीकृत किए जाएं।