नानकमत्ता। श्री गुरुनानक देव जी के प्रिय शिष्य भाई मरदाना जी की ओर से लाई गई पवित्र फाऊड़ी गंगा के उद्गम स्थल के दिन बहुरने वाले है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर साहिब की धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य ने उद्गम स्थल का निरीक्षण किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नानकमत्ता साहिब शीघ्र बैठक कर इस पर अपने निर्णय से धर्म प्रचार कमेटी को अवगत कराएगी।
रविवार को धर्म प्रचार कमेटी श्री अमृतसर साहिब से पहुंचे सरदार महकार सिंह ने श्री फावड़ी गंगा के उद्गम स्थल रनसाली जंगल पहुंचकर निरीक्षण किया। महकार सिंह ने बताया कि सरकारी अभिलेखों में भी फाऊड़ी गंगा के अस्तित्व तो माना गया है। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब से 18 किलोमीटर दूर पहाड़ की तलहटी में बसे रनसाली जंगल के बीट संख्या दो से निकल रहे पानी के स्रोत को ही फाऊड़ी गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है। निरंतर अतिक्रमण के कारण फाऊड़ी गंगा विलुप्त होने के कगार पर आ गई है।
फाऊड़ी गंगा के सेवादार चरणजीत सिंह उद्गम स्थल पर विशाल ऐतिहासिक गुरुद्वारा बनाने और फाऊड़ी गंगा नदी के पक्के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं।
जिला पर्यटन विभाग इसके लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नानकमत्ता साहिब से अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहता है। इसके लिए क्षेत्र की संगत ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिंह से वार्ता की। प्रधान ने कहा कि आगामी बैठक में सदस्यों से चर्चा कर इसकी जानकारी धर्म प्रचार कमेटी को दी जाएगी।
इस मौके पर गुरदेव सिंह, करनैल सिंह, प्यारा सिंह, अजीत सिंह, हरजिंदर सिंह खालसा, बाज सिंह, बलजीत सिंह, मन्ना सिंह आदि थे।