हल्द्वानी। एक फर्म ने स्टैंड अप इंडिया स्कीम के नाम पर 21 लाख रुपये का कर्ज लेकर बैंक को ही चूना लगा दिया। बैंक अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने तीन फर्म स्वामियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ठंडी सड़क स्थित आरएएसएमईसीसी हल्द्वानी की स्टेट बैंक शाखा के प्रबंधक चंदन कुमार ने तहरीर में कहा है कि दुर्गा सिटी सेंटर में स्थित मेसर्स ओम ट्रेडर्स की प्रो. रूपा बनर्जी ने स्टैंड अप इंडिया स्कीम के तहत रेडीमेड कपड़े के व्यापार के लिए 21 लाख रुपये का कर्ज लिया था। रूपा बनर्जी ने माल खरीदने के लिए मेसर्स ग्लैक्सी इंटरप्राइजेज 14/2 ओल्ड चाइना बाजार स्ट्रीट कोलकाता के प्रो. राजीव कुमार मजूमदार का एक कोटेशन बैंक को दिया। इसके आधार पर 421047 रुपये मजूमदार के खाते में ट्रांसफर किया गया। दूसरे विक्रेता मेसर्स गणपति इंटरप्राइजेज रामपुर रोड ने भी 25 जनवरी को कोटेशन दिया था। इसके आधार पर 6,27732 रुपये, 159075 रुपये, 5,07,990 रुपये गणपति इंटरप्राइजेज के खाते में ट्रांसफर किए गए।
15 मार्च को रूपा बनर्जी ने बचे हुए 486969 रुपये ट्रांसफर कराने को कहा। जब निरीक्षण किया गया तो पता चला कि वहां पर स्टॉक कम है। रूपा से पूछने पर बताया कि उसका भाई अनुपम नंदी पर्वतीय क्षेत्रों में माल बेचने गया है। बाद में स्टाक के अनुरूप 15 मार्च को 1,41,000 रुपये रूपा के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। 25 मार्च को दुकान का निरीक्षण किया गया तो वह बंद मिला। रूपा का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा था। जांच में पता चला कि रूपा 16 मार्च को दुकान खाली कर फरार हो चुकी है। जो पैसे खरीद के नाम पर दोनों खाते में भेजे गए थे उसे रूपा ने अपने खाते में ट्रांसफर करा निकाल लिया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रूपा बनर्जी, राजीव कुमार मजूमदार और गणपति इंटरप्राइजेज के आसिम बनर्जी खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।