नैनीताल। हाईकोर्ट ने नैनीताल के अति संवेदनशील बलियानाले के ट्रीटमेंट को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। कोर्ट ने ट्रीटमेंट संबंधित कार्यों के टेंडर खोलने पर लगाई गई रोक को हटाते हुए इसके डेंडर शीघ्र खोलने और मरम्मत कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने ट्रीटमेंट कार्यों की प्रगति रिपोर्ट हर माह कोर्ट में पेश करने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने हाई पावर कमेटी की ओर से ट्रीटमेंट को लेकर दी गई तात्कालिक और दीर्घकालिक डीपीआर भी कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि बलियानाले का ट्रीटमेंट कार्य तीन साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
यह था मामला
नैनीताल निवासी अधिवक्ता सैय्यद नदीम मून ने 2018 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नैनीताल के आधार कहे जाने वाले बलियानाले में हो रहे भूस्खलन से नैनीताल और इसके आसपास रह रहे लोगों को बड़ा खतरा हो सकता है। नैनीताल के अस्तित्व और लोगों को बचाने के लिए इसमे हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय किए जाए ताकि क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन को रोका जा सके।