नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी 26 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 27 अक्तूबर 1961 को नागपुर में जन्मे जस्टिस सांघी ने 1980 में दिल्ली पब्लिक स्कूल मथुरा रोड नई दिल्ली से बीएससी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
1983 में दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित (ऑनर्स) और 1986 में लॉ फैकल्टी कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया। उसी वर्ष एक वकील के रूप में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में नामांकित हुए थे। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी अपने दादा वीके के बाद तीसरी पीढ़ी के वकील रहे। 1990-91 के दौरान उन्हें केंद्र सरकार के पैनल अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2005 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया। 29 मई 2006 को उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। 11 फरवरी 2008 को उन्हें न्यायाधीश बनाया गया। फिर उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। 13 मार्च 2022 को वह उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने 28 जून 2022 को कार्यभार ग्रहण किया था।
मुख्य न्यायाधीश ने मंगलवार को ईओ नगरपालिका नैनीताल को निलंबित करने का ऐतिहासिक फैसला दिया। इस प्रकार उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए थे जिसमें बीडी पांडे अस्पताल से अतिक्रमण को हटाने, शत्रु संपत्ति को खाली कराकर सरकार को वापस दिलाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले हैं।