नैनीताल में होटल मनुमहारानी के कर्मचारियों से वार्ता करते कोतवाल अशोक कुमार।
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नैनीताल। नगर के प्रतिष्ठित होटल मनु महारानी के प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को कर्मचारियों के होटल में प्रवेश पर रोक लगा दी और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। गेट पर ताला देख कर्मचारी भड़क उठे। उन्होंने प्रबंधन के इस कदम का विरोध कर गेट के बाहर जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ।
जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन से होटल कारोबार ठप पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद काम न होने के कारण आधे से ज्यादा कर्मचारी अपने घर चले गए थे, लेकिन भारत सरकार के निर्देशों के बाद जब होटल खोले गए तो सभी कर्मचारी वापस आ गए। वापस लौटे तो प्रबंधन ने 80 कर्मचारियों के वेतन में पचास फीसदी की कटौती कर दी। कर्मियों का आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें बिना किसी सूचना के यह कदम उठाया है। बृहस्पतिवार की सुबह जब कर्मचारी होटल पहुंचे तो गेट बंद मिला। कर्मचारियों को गेट के बाहर ही सड़क पर रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज कर घर वापस जाने को कह दिया गया। इस पर होटल कर्मचारी आक्रोशित हो गए। सभी होटल के बाहर इकट्ठा होकर गेट खोलने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ने पर प्रबंधन ने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर प्रबंधन और कर्मचारियों से बात की और कर्मचारियों को शांत कर घर भेजा गया। इस संबंध में होटल के जनरल मैनेजर नरेश गुप्ता का कहना है कि लॉकडाउन के चलते होटल घाटे की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते होटल के सभी कर्मचारियों का वेतन आधा किया जा रहा है। इसका होटल प्रबंधन को पूरा अधिकार है। किसी भी कर्मचारी को काम से नहीं निकाला जा रहा है। होटल प्रबंधन की ओर से तय किया गया है कि स्थिति ठीक न होने तक होटल कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज करने होटल आएंगे। इसके बाद वह घर वापस चले जाएंगे। उन्हें उनका आधा वेतन दे दिया जाएगा।