हल्द्वानी। नैनीताल में बलियानाला के सुरक्षा कार्य में तेजी आने के बाद भाबर में मुसीबत खड़ी हो गई है। इससे गौला नदी का पानी मटमैला हो गया है। बैराज से लेकर शीशमहल फिल्टर प्लांट तक इस पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में शहर की दो लाख से अधिक की आबादी को शुद्ध पेयजलापूर्ति करना जल संस्थान के लिए चुनौती बना हुआ है।
पिछले सप्ताह जमरानी बांध निर्माण के चलते गौला का पानी मटमैला हो गया था। जल संस्थान ने पानी साफ करने के लिए एलम (फिटकरी) की मात्रा बढ़ा दी थी। बीते रविवार के बाद नदी में साफ पानी पहुंचने लगा था लेकिन अब बलियानाला से आ रहे दूषित पानी ने जल संस्थान के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। सिंचाई विभाग की ओर से बलियानाला में प्रोटेक्शन वर्क कराया जा रहा है। इसके तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले, लोहे की पाइलिंग, सुरक्षा दीवार आदि कार्य किए जा रहे हैं। यही कारण है कि बीते दो दिन से गौला नदी में मटमैला पानी पहुंच रहा है। इसके बाद अब हर घंटे में सामान्य से अधिक फिटकरी पानी में मिलाई जा रही है।
इस समस्या से कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, फिल्टर प्लांट में पानी को साफ करने के बाद ही पेयजलापूर्ति की जा रही है। -
आरएस लोशाली, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
पिछले कुछ दिनों से बैराज में मटमैला पानी पहुंच रहा है, सिंचाई व जलापूर्ति के लिए नियमित पानी छोड़ा जा रहा है।
- प्रमोद त्रिपाठी, अपर सहायक अभियंता सिंचाई विभाग