बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले की मैगी में मोनो सोडियम ग्लूकोमैट (एमएसजी) मिलाने की पुष्टि होने से मैगी खाने के शौकीनों ने इससे परहेज शुरू कर दिया है। मार्केट में अचानक मैगी की खपत गिर गई है। मैगी प्वाइंटों में भी सन्नाटा होने लगा है। जो ग्राहक पहुंच भी रहे हैं वो अब दूसरे फास्ट फूड लेना पसंद कर रहे हैं।
मैगी में एमएसजी मिलाए जाने की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड में भी फूड कमिश्नर ने अलर्ट जारी किया है। जिलों में मैगी के सैंपल लिए जा रहे हैं। नैनीताल जिले में भी शनिवार को अलग-अलग शहर और कस्बों से जांच के लिए मैगी के 10 सैंपल लिए गए। सैंपलिंग के बाद मैगी खाने के शौकीन लोगों में मन में डर बैठ गया है। अधिकतर अभिभावकों ने तो बच्चों को मैगी खिलानी बंद कर दी है।
रानीबाग एचएमटी के पास पिछले कई वर्षों से मैगी प्वाइंट चलाने वाले तारा दत्त पांडे और आनंद दत्त पांडे कहते हैं कि शनिवार और रविवार को उनके यहां बनी मैगी खाने के लिए लाइन लगाते थे। हल्द्वानी एवं काठगोदाम से आउटिंग पर जाने वाले अधिकतर लोग मैगी प्वाइंट पर रुकते थे। अल मैगी में एमएसजी मिलाने की पुष्टि के बाद मैगी प्वाइंट सूना है। तारा दत्त पांडे बताते हैं ग्राहक आने कम हो गए हैं। जो आ भी रहे मैगी खाने से कतरा रहे हैं। लेमन-टी और दूसरे फास्ट फूड डिमांड कर रहे हैं। 50 फीसदी से अधिक मैगी के आर्डर कम हो गए हैं। नैनीताल रोड और भीमताल रोड के मैगी प्वाइंटों पर भी सुनसानी छा गई है।
भीमताल (नैनीताल)। फास्ट फूड मैगी में नुकसानदायक पदार्थ मिले होने की खबर लगने के बाद से बाजार में मैगी और इससे संबंधित अन्य उत्पादों की बिक्री प्रभावित हुई है। यही नहीं सीजन के दौरान पिकनिक स्पाटों में पिछले वर्षों तक मैगी की बिक्री खूब होती थी, लेकिन इस बार मैगी सेंटरों में धंधा मंदा है।
बता दें कि भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल क्षेत्र में पर्यटक सीजन के दौरान जगह-जगह मैगी के काउंटर नजर आते हैं। रेस्टोरेंटों में भी सैलानियों को मैगी उपलब्ध कराई जाती थी। काउंटर तो इस बार भी लगे हैं, लेकिन मैगी के ग्राहकों की संख्या अचानक गिर गई है।
डांठ के पर्यटन व्यवसायी देवेंद्र फर्त्याल बताते हैं कि पिछले वर्षों तक सीजन के दौरान प्रति दिन 20-25 मैगी आसानी से बिक जाती थी, लेकिन इस बार जब से मैगी से संबंधित खबर प्रसारित हुई है, तब से रोजाना एक या दो मैगी ही बिक रही हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को एक सैलानी अपने बच्चों को लेकर दुकान पर पहुंचा था तो उसके बच्चे ने मैगी खाने की इच्छा जताई, लेकिन पिता ने मैगी को हानिकारक बताते हुए खिलाने से मना कर दिया।
नैनीताल जिले से लिए मैगी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट में एमएसजी मिलाने की पुष्टि होने पर बाजार से मैगी का स्टाक जब्त करने के साथ कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एके फुलेरिया, जिला अभिहित अधिकारी।