बृजलाल अस्पताल में भर्ती अवंतिका की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को उसके दादा दादी उसे लेकर अपने घर चले गए। इस मामले की जानकारी मिलने पर अवंतिका के मामा ने डीएम से मिलकर विरोध जताया।
मामा का तर्क है कि उनकी भांजी आरोपियों को नहीं मिलनी चाहिए। डीएम ने इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट से बात करने की सलाह दी है।
अंबिका विहार कालोनी निवासी प्रभा भट्ट ने घरेलू तनाव के चलते 28 जून की सुबह ससुराल में जहर खाने के बाद बेटी अवंतिका को भी जहर दे दिया था। प्रभा की मौत हो गई थी, जबकि बेटी का बृजलाल अस्पताल में इलाज चल रहा था। बेटी की हालत में सुधार आ गया है।
शुक्रवार की शाम को मामा और नानी अवंतिका से मिलने के लिए अस्पताल गए । इसके बाद मामा को सूचना मिली कि पुलिस के कहने पर उसकी भांजी को अस्पताल से दादा दादी अपने साथ ले गए हैं।
मामा चंद्रशेखर पांडे का कहना है कि उन्होंने भांजी को लेने के लिए डीएम से मुलाकात की और विवेचक की भूमिका पर भी सवाल उठाया। डीएम ने इस मामले को एसएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट को स्थानांतरित कर दिया।
दोनों अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट ने फोन पर अगले दिन इस मामले को देखने का आश्वासन दिया है।
इधर विवेचक सुभाष टम्टा का कहना है कि उन्होंने अंवतिका को अस्पताल में रखने के लिए कहा था। बच्ची का मजिस्ट्रेट के समक्ष कलम बंद बयान कराया जाएगा।
इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रभा के ससुर सहित छह लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज है।