हल्द्वानी शहर में ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों के लिए तय किराया महज कागजों तक सिमटकर रह गया है। दिन में तो निर्धारित किराया लिया जा रहा है, लेकिन रात गहराते ही शुरू हो जाती है चालकों की मनमानी। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे तय किराये 30 रुपये के स्थान पर 300 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
शहर के नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, बरेली रोड और रामपुर रोड पर करीब 11,960 तिपहिया वाहन संचालित हो रहे हैं। इनमें 7,350 ऑटो-टेंपो और 4,610 ई-रिक्शा शामिल हैं। परिवहन विभाग ने लामाचौड़, लालकुआं, रानीबाग और बेलबाबा समेत विभिन्न मार्गों के लिए 10 से 40 रुपये तक किराया निर्धारित किया है।
किसी ने गायब की रेट लिस्ट, किसी ने बैग में छुपाई
बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में चालकों की मनमानी सामने आई। कालाढूंगी रोड स्थित भोलानाथ गार्डन के पास टेंपो स्टैंड पर चालकों से किराये और रेट लिस्ट के बारे में पूछा गया तो वे सकपका गए। एक ने बारिश में रेट लिस्ट खराब होने की बात कही। इधर, दोपहर करीब दो बजे कुमाऊं कमिश्नर आवास वाली सड़क पर कई टेंपो कतार में खड़े थे लेकिन सवारियां बेहद कम थीं। एक टेंपो चालक से पूछा गया तो उसने बैग खोलकर लिस्ट दिखा दी। कहा कि बच्चे इसे फाड़ देते हैं, इसलिए छुपाकर रखी है।
यात्रियों का दर्द
वह दिल्ली में चिकित्सक से परामर्श लेने गई थीं। बस से लौटने के बाद सुबह करीब चार बजे रोडवेज पहुंचीं। घर बस अड्डे से महज चार किलोमीटर दूर है, लेकिन टेंपो चालक ने उनसे 150 रुपये किराया लिया। -गीता कांडपाल, निवासी जज फार्म
कई बार दिल्ली या अन्य शहरों से वापसी में रात हो जाती है तो टेंपो वाले मनमाना किराया वसूलते हैं। बस अड्डे से नवाबी रोड जाने के लिए भी वे 300 रुपये तक मांगते हैं। स्थानीय बताने पर वह 100-50 रुपये कम कर देते हैं। इनके रेट तय होने चाहिए।बीना चौहान, पार्षद वार्ड 10
बीते दिनों वह से दिल्ली से प्राइवेट परिवहन से रात तीन बजे कालाढूंगी चौराहे पर पहुंचे। वहां से लामाचौड़ जाने के लिए ऑटाे चालकों से कहा तो उन्होंने 300 रुपये मांगे जबकि दिन में 30 रुपये में घर पहुंच जाते हैं।
-सुरेंद्र सिंह निगलटिया, कुरिया गांव लामाचौड़
शहर में विभिन्न मार्गों पर चलने वाले तिपहिया वाहनों के किराये निर्धारित हैं। वाहन में इसकी सूची चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद पांडेय, आरटीओ प्रवर्तन हल्द्वानी