अपने घर से पड़ोस में दूध लेने गयी 12 वर्षीय कक्षा सात की छात्रा का 31 मार्च को टेंपो चालकों ने अपहरण कर लिया। पुलिस के दबाव के चलते वे मोतीनगर जीवनदान के समीप छोड़ने आ पहुंचे तो ग्रामीणों ने मौके पर ही धर दबोच लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कप्तान समेत तमाम आला अधिकारियों ने टेंपो, विक्रम, टाटा मैजिक समेत अन्य आटो चालकों को हर रूट के लिए वर्दी तय कर दी। मगर अभी इस पर कोई अमल नही हुआ। घटना को पंद्रह दिन बीतने के बाद भी आटो चालक वर्दी में नहीं आए हैं।
31 मार्च को घर से दूध लेने गई 12 वर्षीय छात्रा को दो टेंपो चालकों ने अगवा कर लिया और इस मामले को लेकर परिजनों ने मंडी चौकी एवं हल्द्वानी कोतवाली में छात्रा के लापता होने का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले त्वरित कार्रवाई की गई। हर मोड़ पर नाकेबंदी कर दी गई। इधर ग्रामीणों ने चार बार गोरापड़ाव हाईवे के समीप चार बार मार्ग अवरुद्ध कर बरामदी की मांग को लेकर जाम लगाया गया। इस मामले में पुलिस की काफी फजीहत होती रही। पुलिस मामले का जल्द पर्दाफाश करती, उससे पहले मौके से गुजर रही लड़की की ताई ने छात्रा को पहचान लिया। उनके शोर मचाने पर मोतीनगर तिराहे में पहुंचे लोगों ने उनकी धुनाई लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनो आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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एसएपी स्वीटी अग्रवाल ने टेंपो चालकों को हर रूट पर अलग-अलग ड्रेस कोड जारी किया है। इसके अलावा उन्हें नेम प्लेट लगानी भी जरूरी है। लेकिन आदेश को 15 दिन बीतने के बावजूद टेंपो चालक बगैर वर्दी के बेखौफ घूम रहे हैं।