नौकरी मिले या न मिले, लेकिन 49, 800 बेरोजगारों को अभी भी नगर सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से नौकरी मिलने की आस है। इसमें करीब चार हजार पंजीकृत बेरोजगार ऐसे भी हैं जिनकी आयु 42 से 45 वर्ष के बीच है। सरकारी सेवा में आने के लिए ये बेरोजगार केवल इस वर्ष ही भाग्य आजमा सकते हैं, इसके बाद ये सरकारी विभाग में नौकरी के लिए ओवरएज हो जाएंगे।
आईटीआई (युवक) परिसर में स्थित नगर सेवायोजन कार्यालय में राज्य गठन से पूर्व पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या लगभग 9 हजार थी। लेकिन पहाड़ से पलायन कर यहां आकर बड़ी संख्या में लोगों के बसने के कारण पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है। नगर सेवायोजन कार्यालय में केवल हल्द्वानी और लालकुआं तहसील के युवाओं के ही पंजीकरण होते हैं। इसके अलावा अगर दूसरे जिले का रहने वाला कोई युवक हल्द्वानी में निवास करने का कोई प्रमाण देता है तो उसके आधार पर भी नगर सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण किए जाने की सुविधा है।
सेवायोजन कार्यालय में बेरोजगारों की पंजीकरण संख्या बढ़ने का एक यह भी कारण है कि सरकार ने समूह ग एवं अन्य भर्ती में आवेदन के लिए सेवायोजन में पंजीकरण अनिवार्य कर रखा है। इसलिए कार्यालय में बेरोजगारों की भीड़ केवल पंजीकरण मात्र के लिए ही रहती है। सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से सीधे कोई सरकारी नौकरी तो मिलती नहीं। क्योंकि कई वर्षों से सरकारी विभागों में सीधे भर्ती की जा रही है। इसलिए सेवायोजन कार्यालयों की भूमिका मात्र पंजीकरण भर के लिए रह गई है।
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आनलाइन भी कर सकते हैं पंजीकरण
सेवायोजन कार्यालय में अभ्यर्थी आनलाइन भी पंजीकरण करा सकते हैं। उन्हें आनलाइन पंजीकरण कराने के 15 दिन के अंदर सेवायोजन कार्यालय आकर अपने अभिलेखों का सत्यापन कराना अनिवार्य है अन्यथा पंजीकरण स्वयं निरस्त हो जाएगा। अभ्यर्थी को कार्यालय में सत्यापन के दौरान ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना में 30 रुपये का शुल्क जमा करना होता है।
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प्राइवेट सेक्टर में 251 को दिलाई नौकरी
हल्द्वानी। नगर सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गड़िया कहती हैं कि सरकारी सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों को सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। इसलिए पंजीकरण की संख्या काफी अधिक है। जो भी संस्थान रिक्तियों के सापेक्ष अभ्यर्थियों के नाम मांगते हैं, सेवायोजन कार्यालय से शैक्षिक योग्यता एवं वरीयता के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची भेज दी जाती है। एक वर्ष के भीतर नगर सेवायोजन कार्यालय में 10 रोजगार मेले लगाए। जिसके माध्यम से 251 युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का काम किया गया।