हल्द्वानी। सर्किल रेट में हुई वृद्धि के विरोध में कांग्रेस प्रदेश महासचिव महेश शर्मा और तमाम जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम कोर्ट में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। सीएम और डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
सोमवार को नगर निगम, विकास प्राधिकरण से ग्रामीण क्षेत्रों को हटाने, बढ़े हुए सर्किल रेट वापस लेने की मांग को लेकर मुखानी से एसडीएम कोर्ट तक जुलूस निकाला गया। सीएम और डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि ग्रामीणों के ऊपर नगर निगम और प्राधिकरण जबरन थोपा गया है। साथ ही सर्किल रेट बेतहाशा बढ़ा दिए हैं। कहा कि नगर निगम में शामिल होने के बाद आज तक गांवों में एक ईंट भी नहीं लगी है। निगम में शामिल होने से पहले गांवों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के माध्यम से कई छोटे बड़े निर्माण कार्य होते थे। किसानों के रूप में मिलने वाली सभी सुविधाएं बंद हो गई हैं। भारत सरकार से मिलने वाली किसान पेंशन से भी हाथ धोना पड़ गया है।
हाउस टैक्स समेत अन्य टैक्स खाली पड़े भूखंडों से भी वसूल करने की बात नगर निगम कर रहा है। गांवों को पुन: ग्रामीण क्षेत्र घोषित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राधिकरण लागू होने से आवासीय और व्यवसायिक भवन बनाना मुश्किल हो गया है। व्यवसाय के लिए न तो भूमि 143 हो पा रही है और न ही व्यावसायिक नक्शा पास हो रहा है। कई लोग छोटे भूखंडों के मालिक हैं और प्राधिकरण के नियम इतने सख्त हैं कि उनमें भवन निर्माण के लिए नक्शा पास नहीं हो रहा है।
एक माह पूर्व सरकार ने जमीनों के सर्किल रेट इतने बढ़ा दिए कि उन दरों पर किसी भी कीमत में भूमि का क्रय-विक्रय, संभव नहीं है। पुराने एग्रीमेंट थे उन्हीं में मजबूरी में रजिस्ट्री हो रही हैं। भविष्य में क्रय-विक्रय के एग्रीमेंट बंद हो गए हैं। दरें 300 से 600 प्रतिशत तक बढ़ा दी हैं। अंतरिम मार्गों को मुख्य मार्ग की श्रेणी में रखकर 200 मीटर तक मुख्य मार्ग के हिसाब से दरें निश्चित की गई हैं।
कई क्षेत्रों में दो सौ मीटर में गांव की समाप्त हो जाता है। सर्किल रेट बाजार भाव से कई गुना अधिक हो गए हैं। बढे़ हुए सर्किल रेट अगर समाप्त नहीं किए तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुमित हृदयेश, कानू बिष्ट, राहुल छिम्वाल, गोविंद सिंह बिष्ट, पूरन सिंह खनी, श्याम सिंह बिष्ट, देवेंद्र बिष्ट, संजय बिष्ट, प्रदीप सिंह नेगी, भानू पडलिया, वीरेंद्र सिंह बर्गली, पूरन चंद्र नैनवाल, कमला बर्गली, किशोर सिंह पडलिया, भुवन तिवारी, टीकम सिंह, रमेश निगल्टिया आदि थे।