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प्राधिकरण सचिव को पांच घंटे बनाया बंधक 

Sat, 20 May 2017 02:15 AM IST
रामनगर,अमर उजाला ब्यूरो 
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Authorities make five hours mortgage - फोटो : amar ujala
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झील विकास प्राधिकरण के सचिव श्रीष कुमार पर व्यापारी के साथ अभद्रता करने और सामान लेकर जा रही पिकप समेत एक बाइक की चाबी और गाड़ी के कागजात ले लेने का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने शुक्रवार को प्राधिकरण दफ्तर में घंटों हंगामा काटा।
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गुस्साए व्यापारियों ने करीब पांच घंटे तक प्राधिकरण सचिव को उनके ही दफ्तर में बंधक बनाए रखा। सचिव के तबादले की मांग को लेकर व्यापारियों ने बाजार भी बंद करा दिया और दिन-भर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों की पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों से तीखी झड़प भी हुई। 

व्यापार मंडल पदाधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह नैनीताल से भीमताल स्थित प्राधिकरण कार्यालय में आते वक्त प्राधिकरण सचिव श्रीष कुमार स्वयं विभागीय गाड़ी को चलाकर ला रहे थे। मल्लीताल बाजार में उनकी गाड़ी की टक्कर से एक बाइक सवार सड़क पर गिर गया।
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इससे मौके पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्राधिकरण सचिव को खरीखोटी सुनाकर बाइक सवार वहां से चला गया। आरोप है कि इससे गुस्साए सचिव ने जाम में फंसे और पिकप चला रहे स्थानीय निवासी कोल्ड ड्रिंक्स के डिस्ट्रीब्यूटर प्रदीप दुर्गापाल से अभद्रता की और उनकी पिकप की चाबी और गाड़ी के कागजात लेकर अपने दफ्तर आ गए। 

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्राधिकरण दफ्तर में पहुंचने पर सचिव ने दफ्तर में जाने वाले रास्ते में खड़ी एक युवक की बाइक की चाबी ले ली और अपने कर्मचारी से बाइक  की हवा निकलवा दी। घटना की जानकारी मिलने पर कुछ व्यापारी प्राधिकरण सचिव से वार्ता के लिए उनके कार्यालय आ रहे थे।

तभी सचिव ने सदस्यता अभियान की बुक लेकर आ रहे व्यापारी भास्कर भगवाल को भी धमकाना शुरू कर दिया। इससे व्यापारियों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सचिव पर नशे की हालत में दफ्तर में आने और बेवजह व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए उनका मेडिकल कराने और तबादले की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

गुस्साए व्यापारियों ने तल्लीताल, मल्लीताल और डांठ में बाजार भी बंद करा दिया और श्रीष कुमार के दफ्तर के आगे नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी सुन सचिव श्रीष कुमार व्यापारियों से वार्ता के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन व्यापारियों ने बात करने और गाड़ी की चाबी लेने से मना कर नारेबाजी जारी रखी।

सूचना पर थानाध्यक्ष एसके गंगवार समेत पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। थानाध्यक्ष ने भी व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। 11:27 बजे सचिव ने दफ्तर से बाहर निकलना चाहा, लेकिन व्यापारियों ने उन्हें और दफ्तर में मौजूद अन्य कर्मचारियों को बंधक बना दिया।

मामला बिगड़ता देख पहले एसपी सिटी हरीश चंद्र सती, फिर तहसीलदार प्रियंका रानी और बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह भी मौके पर पहुंचीं। व्यापारियों का कहना था कि जब तक डीएम आकर सचिव के तबादले का आश्वासन नहीं देते, वह सचिव को बाहर नहीं निकलने देंगे।

अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से नैनीताल जाकर डीएम से वार्ता करने का अनुरोध किया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने ठुकरा दिया। शाम करीब 4:45 बजे संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह की मौजूदगी में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में व्यापारियों के भारी विरोध के बीच किसी तरह प्राधिकरण सचिव को सुरक्षित उनके दफ्तर से बाहर निकालकर नैनीताल रवाना किया गया।

प्रदर्शनकारियों में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज जोशी, ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया, भीमताल संघर्ष समिति के संस्थापक देवेंद्र फर्त्याल, राम सेवक मंडली के अध्यक्ष सौरभ रौतेला, युंका नेता नितेश बिष्ट, व्यापार मंडल संरक्षक रामपाल गंगोला, आशा आर्या, सुनीता कन्नौजिया, जीवंती आर्या, नवीन आर्या, पंकज उप्रेती, कुर्बान अली जाफरी, भास्कर भगवाल, पूरन जोशी बालाजी, विपिन चंद्रा, चंदन नौगाई, शरद पांडे, व्यापार मंडल भवाली के अध्यक्ष नरेश पांडे समेत सैकड़ों व्यापारी शामिल थे।

बाजार बंद होते देख पर्यटक वापस लौटे

प्राधिकरण सचिव के तबादले की मांग को लेकर हुए बाजार बंद के बाद यहां पहुंचे सैलानियों में खलबली मच गई। सैलानियों को लगा कि शायद कोई बवाल हुआ है, लिहाजा डांठ में मौजूद अधिकतर सैलानी अपने वाहनों में बैठकर लौटते नजर आए।

तबादले को लेकर हफ्ते भर का अल्टीमेटम दिया 
पुलिस सुरक्षा के बीच प्राधिकरण सचिव को उनके दफ्तर से सकुशल बाहर निकालकर नैनीताल की ओर रवाना करने के बाद प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने मल्लीताल स्थित तिकोनिया में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच विधायक राम सिंह कैड़ा, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री रूपेंद्र नागर और जिला महामंत्री हर्षवर्धन पांडे भी धरना स्थल पर पहुंच गए।

यहां हुई बैठक में दिनभर चले आंदोलन की समीक्षा के बाद तय किया गया कि शीघ्र ही व्यापारियों का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत अन्य मंत्रियों से मिलकर प्राधिकरण सचिव के तबादले मांग करेगा। यदि हफ्ते भर के भीतर सचिव का तबादला नहीं हुआ तो फिर से प्राधिकरण दफ्तर में तालाबंदी कर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

कोट 
व्यापारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत हैं। मैने न तो किसी व्यापारी से अभद्रता की और न ही किसी का उत्पीड़न किया। मल्लीताल बाजार में पिकप सड़क पर खड़ी थी, जिससे जाम लग रहा था। कहने के बाद भी जब पिकप नहीं हटाई गई तो मैंने पिकप के कागज और चाबी ले ली। दफ्तर के रास्ते में भी कई बाइकें आड़े-तिरछे खड़ी थीं, मैने वहां पर मौजूद बाइक वालों से उन्हें रास्ते से किनारे खड़े करने को कहा। इसी दौरान वहां पहुंचे युवकों ने मेरा विरोध शुरू कर दिया। नारेबाजी सुन मैने स्वयं दफ्तर से बाहर आकर विरोध कर रहे लोगों से वार्ता करनी चाही और पिकप की चाबी देनी चाही लेकिन वह न तो वार्ता को तैयार हुए और न ही उन्होंने चाबी ली। चाबी और कागज बाद में मैंने पुलिस के सुपुर्द कर दिए। 
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- श्रीष कुमार, सचिव, झील विकास प्राधिकरण नैनीताल। 

फोटो 19 बीटीएल 03 से आगे। 
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