हल्द्वानी। अखंड सौभाग्य का सूचक वट सावित्री पर्व रविवार विधिविधान से मनाया गया। मंदिरों और घरों में सामूहिक पूजन विधि से सुहागिन महिलाओं ने भगवान विष्णु, लक्ष्मी, ब्रह्मा की की पूजा कर अखंड सौभाग्य, संतान और दीर्घायु का वर मांगा।
सोलह श्रंगार में सजीं धजीं सुहागिन महिलाओं ने कलश स्थापना के साथ व्रत रखा। घरों और मंदिरों में पुजारियों ने महिलाओं को विधिविधान से सामूहिक पूजा कराई। उन्होंने यमराज से पति के प्राण लौटा लाने वाली सावित्री-सत्यवान की कथा भी सुनाई। नगर और आसपास के मंदिरों के अलावा पटेल चौक में बरगद के पेड़ के नीचे महिलाओं ने सामूहिक पूजा की और भगवान से सुहाग और पति की दीर्घायु की कामना की।
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सर्वकार्यार्थ सोमवती अमावस्या आज
हल्द्वानी। सोमवार को सोमवती अमावस्या और शनि जयंती मनाई जाएगी। इस दिन पितृ पूजन, तर्पण, स्नान दान तथा गाय को गो ग्रास देने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिष पंडित त्रिभुवन उप्रेती ने बताया प्रात:काल स्नान कर साफ वस्त्र पहनकर नित्य देव पूजन कर अपने पितरों के लिए श्रद्धापूर्वक तिल, जौ, कुश, आंवले, जल, चंदन से आह्वान कर तर्पण करें। देव, ऋषि, पितृ का विधिपूर्वक ध्यान कर सुख, समृद्धि ऐश्वर्य एवं संतान के लिए आशीर्वाद की कामना शुभ फल मिलता है। इस दिन गाय को तिल, घी, दूध, तुलसी शहद, मिलाकर गो ग्रास (अन्न) खिलाने से जन्म जन्मांतर के पाप कट जाते हैं। मृत पितरों को जलधारा देने से पितृ दोष का निवारण होता है।। उन्होंने बताया शनि जयंती होने से पीपल को तिल मिश्रित जल चढ़ाने से शनि, राहु, केतु, की विपरीत दशाओं का निराकरण होता है और शनि, राहु की आराधना और जप करने से भी ग्रहों के कुप्रभावों से मुक्ति मिलती है। यह दिन ग्रह पूजन, अपंग दिव्यांगों, बेसहारा, कुष्ठरोगियों की सेवा करने के लिए अति उत्तम एवं शुभ है।