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नकली समझकर हड़बड़ाहट में असली गहने छोड़ गया था अशरफ

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हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में हुई पुलिस कर्मी की पत्नी की हत्या का खुलासा करते डीआईजी नीलेश आन?
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हल्द्वानी। ममता की हत्या के बाद आरोपी अशरफ उर्फ भूरा ने लॉकर तो किसी तरह खोल लिया, लेकिन हड़बड़ाहट में असली सोने के जेवरात को आर्र्टिफिशियल समझ बैठा और वहीं छोड़कर चला गया। जो जेवरात वह लूट ले गया था उनमें से टॉप्स गिरवी रखकर 38000 रुपये का कर्ज ले लिया। बाकी जेवरात अपने घर जाकर टेबल फेन में पीछे बने नॉब बॉक्स में छिपा दिए थे। पुलिस ने वहां से जेवरात बरामद कर लिए।
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चार दिन से पुलिस के लिए सिरदर्द बने ममता हत्याकांड का खुलासा होने के बाद कई बातें सामने आई हैं। किच्छा निवासी मो. अशरफ उर्फ भूरा ने वारदात को काफी शातिराना तरीके से अंजाम दिया था। दो साल पहले सिपाही के घर में ग्रिल लगा चुका अशरफ घर में कौन सी चीज कहां है, इससे बखूबी वाकिफ था। हत्या के बाद आरोपी पहली मंजिल पर स्थित कमरे में पहुंचा। हथौड़ी से अलमारी खोलने और लॉकर तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन न अलमारी खुली और न ही लॉकर टूटा। इसके बाद वह नीचे के कमरे में आया, वहां चाबी मिल गई जिससे अलमारी और लॉकर खोलकर जेवरात निकाल लिए। उसी दौरान बाहर खटपट की आवाज सुनाई दी तो उसे लगा कि कहीं कोई आ न जाए। इस पर हड़बड़ाहट में हत्थे चढ़े जेवरात लेकर ही फरार हो गया और नीचे रखे बॉक्स को आर्र्टिफिशियल समझ बैठा।
पूछताछ में अशरफ ने बताया कि घर से लूटे ममता के टॉप्स उसने किच्छा स्थित निजी फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर वहां से 38000 रुपये का ऋण ले लिया था। उसकी रसीद भी पुलिस को मिल चुकी है। जब पुलिस ने बकाया जेवरात के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि घर में टेबल फेन में छिपाए हैं। पुलिस ने टेबल फैन के पिछले हिस्से को खोलकर उसमें रखे जेवर बरामद कर लिए।
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कपड़े धोए और बाइक में कराया बदलाव
जिस गली में सिपाही शंकर सिंह बिष्ट का मकान है वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। इसकी वजह से पुलिस को शुरुआत में परेशानी तो हुई लेकिन गली के सामने स्थित घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे ने पुलिस की मदद की। गली में जाते और वारदात के बाद आते समय बाइक को ट्रेस किया गया। पुलिस ने बताया कि वारदात करने जाते समय आरोपी की बाइक की नंबर प्लेट पर लाल रंग का कपड़ा बंधा था और पीछे का इंडिकेटर और मडगार्ड भी नहीं था। वारदात के बाद आरोपी रुद्रपुर पहुंचा और दो घंटे का समय इंडिकेटर और मडगार्ड लगवाया, ताकि बाइक की पहचान न हो सके। घर जाकर खून लगे कपड़े भी धो दिए थे। पुलिस ने खून लगी जींस-शर्ट, जूते और आरोपी की बाइक और हेलमेट भी बरामद कर लिया है।
पानी पिलाने के शिष्टाचार ने ले ली ममता की जान
आरोपी जिस मंशा से घर पहुंचा उसके विफल होने पर वह जाने लगा था। सामाजिक तौर से घर पर पहुंचे किसी भी व्यक्ति को पानी पिलाने का शिष्टाचार ही ममता की मौत का जरिया बन गया। वापसी में दरवाजे तक पहुंच चुके आरोपी से ममता ने शिष्टाचारपूर्वक पानी के लिए पूछा लिया और वही आरोपी के लिए मौका बन गया। इसकी पुष्टि पुलिस को तब हुई जब पुलिस को रसोई में आरओ खुला मिला।
सामान सुरक्षित है देखने के लिए रिया ने निकाले जेवरात
ममता की बेटी रिया और बेटा कपिल जब स्कूल से घर लौटे और मां के न मिलने पर ऊपरी मंजिल के कमरे में पहुंचे। कमरे में खुली अलमारी और टूटा लॉकर देखने और उस पर खून लगा देख रिया और कपिल घबरा गए। वहीं लॉकर में रखा सामान सुरक्षित है या नहीं यह जानने के लिए रिया ने लॉकर में रखी फाइलें और उसके नीचे रखा जेवरात का बॉक्स निकालकर देखा और बेड पर ही छोड़ दिया था।
21 मिनट में उजड़ गया शंकर का परिवार
तीन नवंबर को पुलिसकर्मी के परिवार की खुशियां महज 21 मिनट में उजड़ गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरु किए तो पता चला कि 11:17 बजे आरोपी ममता के घर पहुंचता हुआ दिखाई दे रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह 11:38 बजे गली से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है।
एक प्लाटून पीएसी के साथ छाने धनपुरी के खेत
रविवार रात करीब एक बजे एक प्लाटून पीएसी और शहर भर की पुलिस और अधिकारी पंचायतघर से करीब दो किमी अंदर धनपुरी गांव के गन्ने के खेतों में पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। पुलिस रविवार को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर वह हथौड़ी ढूंढने धनपुरी पहुंची थी जिससे ममता की हत्या की गई थी और उसने उसे गन्ने के खेत में फेंक दिया गया था। इसके लिए एसएसपी पंकज भट्ट ने रविवार रात और सोमवार की सुबह खेतों में सर्च अभियान चलाया था।
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