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लूट के इरादे से वेल्डर ने की थी सिपाही की पत्नी की निर्मम हत्या

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हल्द्वानी पुलिस की गिरफ्त में मुखानी क्षेत्र में हुई पुलिस कर्मी की पत्नी की हत्या का आरोपी। स?
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हल्द्वानी। चार दिन पहले दिनदहाड़े घर में घुसकर पुलिसकर्मी की पत्नी ममता की हत्या के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। लूट के लिए घर में घुसे वेल्डर ने हथौड़ी से सिर पर वार कर उसे मार डाला था। आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी और लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए गए हैं। खुलासा करने वाली टीम पर दो लाख सात हजार रुपये इनाम की बौछार हुई है। इसमें डीजीपी ने एक लाख रुपये की घोषणा की है।
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तीन नवंबर की दोपहर मुखानी क्षेत्र स्थित कालिका कॉलोनी की गली नंबर छह लोहरियासाल तल्ला निवासी पुलिसकर्मी शंकर सिंह बिष्ट की पत्नी ममता बिष्ट की घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
इसके साथ ही घर में लूट को भी अंजाम दिया गया था। इससे क्षेत्र समेत पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। मामले के खुलासे के लिए सर्विलांस समेत पुलिस की तीन टीमें लगाई गईं। एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले गए। सैकड़ों मोबाइलों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाली गई। आखिर पुलिस की जांच ऊधमसिंह नगर के किच्छा स्थित नई बस्ती निवासी मो. अशरफ उर्फ भूरा पर जाकर रुक गई। रविवार को पुलिस ने अशरफ को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो हत्या के राज से पर्दा उठ गया।
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सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए डीआईजी नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि अशरफ ने ममता की हत्या की बात स्वीकार की है। अशरफ ने पूछताछ में बताया कि दो साल पहले उसने सिपाही के घर की ग्रिल बनाई थी। उसे यह पता था कि दिन में ममता घर में अकेली होती है। घर में ग्रिल का काम भी होना था तो उसने उसी का बहाना बनाकर घर में प्रवेश कर लिया। वह अपने कपड़ों में हथौड़ी छुपा ले गया था।
उसकी साजिश थी कि घर में काम के बहाने जाकर ममता को बेहोश करेगा और उसके बाद जेवरात और नगदी लूटकर फरार हो जाएगा। हालांकि उसकी योजना घर पहुंचने के बाद तब विफल होती दिखी जब अशरफ के पीछे ममता भी ऊपरी मंजिल पर पहुंच गई।
बालकनी में ग्रिल की डिजायन देखकर अशरफ ने फोटो लिए और उसके बाद नीचे आ गया।
इधर ममता ने जब उससे पानी के लिए पूछा तो इससे आरोपी को दोबारा मौका मिल गया। ममता के रसोई में जाते ही पीछे से उसके सिर पर हथौड़ी से ताबड़तोड़ पांच वार कर दिए। इसके बाद घर के ऊपरी हिस्से में पहुंचकर लॉकर तोड़ने की कोशिश की लेकिन न टूटने पर दूसरे कमरे में पहुंचा और ममता की बेटी रिया के पर्स से तीन हजार रुपये निकाले। वहां चाबी रखी देख वह वापस लॉकर के पास पहुंचा और लॉकर खोलकर उसमें से एक ग्लोबंद, टॉप्स और ममता का मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया।
पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने रास्ते में मैकेनिक से अपनी बाइक में कुछ बदलाव भी कराए थे। साथ ही लूटे गए जेवरात घर में ही छिपाए थे। वारदात में प्रयुक्त हथौड़ी को खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने जेवरात की बरामदगी के साथ हथौड़ी भी ढूंढ निकाली। मंगलवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
लाखों का कर्ज, दुकान भी हो चुकी है बंद
हत्यारोपी अशरफ उर्फ भूरा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि किच्छा में ही वह वेल्डिंग का काम करता है। उसकी दुकान भी है। पिछले पांच महीने से वह दुकान का किराया नहीं दे पाया था जिसके चलते दुकान मालिक ने दुकान पर ताला डाल दिया था। उस पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज भी हो गया था। इसी कर्ज के चलते उसने पहले सिर्फ लूट की योजना बनाई थी लेकिन हालात बदलने पर उसने हत्या करने से भी गुरेज नहीं किया।
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पुलिस टीम पर इनाम की बौछार
हल्द्वानी। हत्या के खुलासे के लिए एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी सिटी हरबंस सिंह के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं थीं। स्पेशल ऑपरेशन सीओ नितिन लोहानी के नेतृत्व में गठित सर्विलांस टीम में पांच दरोगा और आठ सिपाही थे। सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टर, एक दरोगा और तीन सिपाहियों की टीम बनाई गई थी जिसका काम संदिग्धों को चिह्नित करना और पूछताछ में सामने आए तथ्य जुटाना था। मुखानी थानाध्यक्ष रमेश बोहरा की टीम में दो महिला दरोगा थीं। खुलासा करने वाली टीमों को डीजीपी अशोक कुमार ने एक लाख रुपये, डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने 50000, एसएसपी पंकज भट्ट ने 25000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। साथ ही कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने 21000 रुपये और मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला ने 11000 रुपये देने की घोषणा की है।
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