हल्द्वानी। आगामी बुधवार को संक्रांति है। इस दिन सूर्य भगवान वृष राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और इसी समय सौर आषाढ़ मास शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुधवार को संक्रांति होने से शासन, प्रशासन, शासकवर्ग के लिए तो यह शुभ संकेत है लेकिन पूरे माह पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और महंगाई चरम पर रहने की संभावना है।
ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार, मूल नक्षत्र होने के कारण अति उग्रवादी संगठन तामसी प्रवृत्ति के लोगों का विस्तार होगा और इस दौरान उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न भागों में जनधन की भारी हानि होने के आसार भी हैं। बारिश के कारण अतिवृष्टि, महामारी की आशंका रहेगी और पेट्रोलियम पदार्थों में उछाल रहेगा। मैदानी भागों में भी पूरे माह बारिश होने से गर्मी से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि संक्रांति पर्व सूर्य भगवान की आराधना और भक्ति के लिए सर्वोत्तम कहा गया है जिस जातक की कुंडली में सूर्य नीच राशि तुला का हो ऐसे जातक को संक्रांति का व्रत पूजन करना चाहिए। अपने श्रेष्ठ भाग्य व आत्मबल और संतान, प्रसन्नता के लिए रोली, गुड़, शहद, केसर, लाल फूल मिलाकर सूर्य भगवान को संक्रांति को सात लोटे जल चढ़ाना चाहिए साथ में ऊं घृणि: सूर्याय नम: का जप करना चाहिए।