भवाली-अल्मोड़ा हाइवे पर लोहाली के पास सोमवार को हुए बस हादसे को राज्यपाल केके पाल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने राजभवन में डीएम के साथ बैठक कर हाइवे पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि हाइवे के चौड़ीकरण का काम मानकों के मुताबिक ही किया जाए और इसमें किसी तरह की कोताही न बरती जाए। राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल, सातताल, मुक्तेश्वर, रामगढ़, किलवरी और पंगूट आदि का संयुक्त निरीक्षण कराएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह स्थान पर्यटकों के लिए सुरक्षित हैं।
उन्होंने रोड किनारे पैराफिट लगवाने, सड़क से सटी पहाड़ियों पर सुरक्षा दीवार अथवा जालियां लगाने, तीव्र मोड़ और रपटे वाली सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। राज्यपाल ने झील और नालों की सफाई पर विशेष ध्यान देेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि झील में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य गंदगी देखने को मिल रही है। घरों के कूड़े के निस्तारण और झील के जल का सदुपयोग करने, मितव्यता बरतने के प्रति नगरपालिका, जलसंस्थान, लोक निर्माण एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाय। राज्यपाल ने झील के गिरते जलस्तर पर भी चर्चा की।
डीएम ने गठित की टीम
डीएम जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि सीडीओ, एसडीएम कोश्यांकुटौली, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता और एआरटीओ की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है जो हाइवे के चौड़ीकरण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण करेगी।
पर्यटक स्थलों की सुरक्षा, निरीक्षण और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन, पुलिस, पीएमजीएसवाई, लोनिवि, परिवहन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है जो पर्यटक स्थलों और उनसे संबंधित व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी।