हल्द्वानी। सेना भर्ती के लिए आए नैनीताल के अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ने पर मंगलवार की रात पुलिस अधिकारियों ने तिकोनिया तक लाइन लगवा दी। गेट न खुलने पर युवकों ने शोर मचाया। पुलिस युवकों को शांत कराने में लगी रही। आधी रात को गेट खुलने पर पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
नैनीताल के युवकों की काफी संख्या में भीड़ आने की भनक मिलने पर एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव भी मंगलवार की रात पहुंच गए। इस बीच सीओ लालकुआं राजीव मोहन के नेतृत्व में कोतवाल केआर पांडे ने भीड़ के मद्देनजर लंबी लाइन लगवाने का निर्णय लिया। रेलवे लाइन को छोड़कर पुलिस फोर्स ने लाइन लगवाना शुरू किया। भीड़ के चलते यह लाइन तिकोनिया चौराहे तक आ गई।
रोज 11:35 या 11:40 तक गेट खुल जाता था लेकिन देरी होने पर युवक शोर मचाने लगे। रेलवे के पार युवक लाइन में खड़े होने पर कुछ ही देर में घबरा गए थे। इस बीच खुद को सैनिक बताने वाला युवक अपने भाई को आगे बैठाने के लिए बाइक से आया। उसने अपने भाई को आगे बैठाया तो अन्य युवक शोर मचाने लगे।
पुलिस ने किसी प्रकार शोर मचा रहे युवकों को शांत कराया। रात 12 बजे के बाद सेना के अधिकारियों ने युवकों को अंदर प्रवेश कराने की इजाजत की। कई टुकड़ियों में भीड़ निकलने पर पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। धीरे धीरे कोतवाली के चौकी प्रभारी और अन्य फोर्स को युवकों को अंदर करा दिया लेकिन देर रात तक प्रवेश के लिए युवकों के आने का क्रम जारी रहा।
चौराहे पर दिन जैसा दृश्य
तिकोनिया चौराहे पर सेना भर्ती के चलते मेला जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया है। दूधिया प्रकाश में ठेले पर केला से लेकर हर प्रकार के फल बिस्कुट, जूस बिक रहे थे। ठेले पर युवकों की भीड़ खाने के सामानों को खरीदने में जुटी रही।
रसोइये ने शौक में पहन ली सेना की वर्दी, पकड़ा गया
हल्द्वानी। पंजाब में एक हवलदार के घर खाना बनाने वाले रसोइये को सेना की वर्दी पहनकर भर्ती में शामिल होने आए युवकों के सामने हेकड़ी दिखाना महंगा पड़ गया। सेना के एक हवलदार ने कोड वर्ड में उससे बात की तो उसकी पोल खुल गई। सेना ने पुलिस की मदद से उसे हिरासत में ले लिया। सैन्य अफसरों के अलावा खुफिया एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की है। पता चला है कि सेना में जाने के शौक के कारण उसने वर्दी खरीदकर पहनी थी। सेना में होने की बात कहकर उसने शादी भी की थी।
कैंट छावनी क्षेत्र में मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे सेना की वर्दी पहने एक युवक रेलवे लाइन के पास डंडा लेकर भर्ती में आए युवकों की लाइन लगवा रहा था। सेना के एक हवलदार को शक हुआ तो युवक से कोड वर्ड में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। वर्दीधारी युवक कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद सेना के जवान और पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। उसने अपना नाम गणेश सिंह भाकुनी निवासी बूंगा पोहर चनौदा (अल्मोड़ा) बताया। सेना ने पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
कोतवाली में एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी ने उससे पूछताछ की। गणेश ने बताया कि वह पंजाब के भटिंडा में 2011 से 2015 में मणिपुर के रहने वाले हवलदार के पास रहा। वहां वह खाना बनाने का काम करता था। वह हवलदार के साथ फिरोजपुर में भी रहा। उसने घर वालों को बताया था कि वह सेना में नौकरी करता है। यही झूठ बोलकर उसने इसी साल मई में दिनेशपुर की लड़की से शादी की थी।
कैंट क्षेत्र में वह सेना भर्ती में आए भाई संजय भाकुनी की जानकारी लेने के लिए आया था। पता चला है कि उसने भटिंडा में ही सेना की वर्दी खरीदी थी। पुलिस ने उसकी पत्नी से जानकारी जुटाई तो उसके झूठ पर वह भी दंग रह गई। पुलिस का कहना है कि युवक के परिजनों के आने पर उसे निजी मुचलके पर छोड़ा जाएगा।
संदिग्ध युवक सेना परिसर से बाहर पुलिस ने पकड़ा है। इस बारे में मुझे विस्तृत जानकारी नहीं मिली है।
-विनेश नायर, भर्ती निदेशक