हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन निगम की अनुबंधित लग्जरी बसों और बस अड्डों पर बिक रही ‘उत्तराखंड परिवहन नीर’ पानी की बोतल में गंदगी मिलने का मामला सामने आने पर निगम प्रबंधन ने रविवार को बस अड्डे से पानी की बोतल के सैंपल लिए। शाम को वॉल्वो बसों में बंट रहे पानी की जांच भी विभाग ने की।
प्रदेश के बस अड्डों में उत्तराखंड परिवहन नीर नाम से पानी की बोतल की बिक्री की जा जाती है। वॉल्वो बसों में यात्रियों को पानी की यह बोतल निशुल्क दी जाती है। बीते दिनों पानी की बोतल में गंदगी मिलने की शिकायत को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। रविवार दोपहर बाद हल्द्वानी डिपो के एआरएम सुरेंद्र बिष्ट, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, उत्तरांचल कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आन सिंह जीना, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी मधुसूदन मिश्रा पानी के सप्लायर की दुकान पर पहुंचे। मगर रविवार को दुकान के डिस्प्ले से उत्तराखंड परिवहन नीर की बोतलें गायब थी। दुकान के अंदर जाकर एआरएम और कर्मचारियों ने पेटियों से पानी की बोतल निकालकर जांचनी शुरू कर दी। हालांकि पानी में गंदगी नजर नहीं आई लेकिन कुछ बोतलों में संदेह मिला। इस पर पानी की दो बोतलें जांच के लिए साथ रख ली। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बस में गंदा पानी मिलने पर कार्रवाई की बात कही।
यात्रियों को गंदे पानी की बोतल देना गंभीर मामला है। बोतलबंद पानी की शुद्धता की जांच के लिए अब खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क किया जाएगा। साथ ही सभी मार्केटिंग अधिकारियों को भी बस अड्डों में बिक रहे पानी की जांच के निर्देश दिए हैं।
सुरेंद्र बिष्ट, एआरएम