नैनीताल। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) ने स्थापना के 22 वर्ष पूरे करने पर 18 से 24 मार्च तक पांच दिवसीय स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया। इसमें 3.6 मीटर देवस्थल ऑप्टिकल टेलीस्कोप (डॉट) की दसवीं वर्षगांठ भी मनाई गई।
समारोह की शुरुआत 18 मार्च को रक्तदान शिविर के आयोजन से हुई जिसमें एरीज के कर्मचारियों और शोध छात्रों ने रक्तदान किया। 19 मार्च को भाषण प्रतियोगिता और 20 मार्च को क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। 23 मार्च को आंतरिक विज्ञान-तकनीकी बैठक में भविष्य की योजनाओं पर विचार किया गया। एरीज के प्रथम एवं पूर्व निदेशक प्रो. राम सागर ने एक विशेष व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने संस्थान और 3.6 मीटर डॉट की स्थापना का उल्लेख किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर एरीज पर आधारित एक लघु फिल्म भी जारी की। शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी हुआ।
3.6 मीटर डॉट के वैज्ञानिक निष्कर्ष
मंगलवार को समापन समारोह में दूरबीन से प्राप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों पर व्याख्यान दिए गए। साथ ही भारतीय खगोल विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में इस दूरबीन के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस सत्र में एरीज के साथ टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान मुंबई और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।