नैनीताल । हाईकोर्ट ने स्टाफ नर्स भर्ती मामले में बार बार तिथि बदलने पर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार व तकनीकी शिक्षा बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। श्रीनगर गढ़वाल निवासी अरुण एच सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि स्टाफ नर्स भर्ती के लिए सबसे पहले नौ जुलाई 2020 को नियमावली परिवर्तित कर लिखित परीक्षा और चयन उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सलेक्शन बोर्ड के माध्यम से करने का प्राविधान कर अनुभव के आधार पर वैटेज अंक दिए गए, लेकिन अध्याचन उत्तराखंड तकनीकी शिक्षा बोर्ड को भेज दिया गया। बोर्ड ने दिसंबर 2020 को भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की, किंतु शासन ने जनवरी 2021 में पुन: नियमावली संशोधित कर अनुभव व वैटेज को समाप्त कर दिया। उसके बाद पुन: 2 फरवरी व 9 फरवरी को तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से विज्ञप्ति निकाली गई।
एक विज्ञप्ति 17 अप्रैल 2021 को निकाली गई। जिसके बाद परीक्षा मनमाने ढंग से कोविड काल में कराने का तीन बार प्रयास किया गया। जबकि नीट तक की परीक्षा स्थगित है। अब तक नियम चिकित्सा चयन बोर्ड के माध्यम से परीक्षा कराने का है। किंतु नियुक्ति का अध्याचन तकनीकी शिक्षा बोर्ड को भेजा गया व नियमावली मनमाने तरीके से कुछ खास लोंगों को लाभ देने के लिए बनाई जा रही है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार व तकनीकी शिक्षा बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए।