नैनीताल। उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की रविवार को आयोजित ऑनलाइन बैठक में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के विपरीत लिए जा रहे निर्णयों पर रोष जताया गया।
प्रदेश अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश महामंत्री प्रशांत मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के विपरीत लिए जा रहे निर्णयों से रोष है। विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने नियुक्तियों और कर्मचारियों की पदोन्नतियों के कई मामले शासन में विचाराधीन होने की बात कही है। संगठन ने शासन के दोगले रवैये से सरकार को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया। बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी का दो वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद हरिद्वार स्थित आयुर्वेद विवि के गुरुकुल परिसर में फरवरी में तृतीय अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर संगठन के मुख्य संरक्षक राजेंद्र सिंह भंडारी, कुलदीप सिंह, डॉ. लक्ष्मण सिंह रौतेला, दीपक सुंदरियाल, भरत सिंह नैनवाल, देवेंद्र पोखरिया, विपिन चंद्र, गणेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।