नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारी से अब तक तीन लोगों की मौत के बाद लोगों में भय का माहौल है। ज्योलीकोट के साथ बेलुवाखान, चोपड़ा, बल्दियाखान, कूण और ताकुला क्षेत्र में भी पीलिया व बुखार के मरीज सामने आने से ग्रामीण चिंतित हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे ने कहा कि बीमारी केवल ज्योलीकोट तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों में भी लोग पीलिया से पीड़ित हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव-गांव जाकर पीलिया के मरीजों को चिह्नित करने और उनकी लगातार निगरानी करने की मांग की। उनका कहना है कि प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
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अब तक ज्योलीकोट क्षेत्र के 47 मरीज बीडी पांडे अस्पताल में हो चुके हैं भर्ती
बीडी पांडे अस्पताल की डॉ. एमएस दुग्ताल ने बताया कि अब तक ज्योलीकोट क्षेत्र के पीलिया से पीड़ित 47 मरीज अस्पताल में भर्ती किए जा चुके हैं। उन्हें उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। बताया कि बीते महीने अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 20 मरीज पहुंच रहे थे, हालांकि अब मरीजों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने बताया कि पीलिया का सबसे अधिक असर लीवर पर पड़ता है। बीमारी बढ़ने पर उपचार लंबा और खर्चीला हो सकता है। लंबे समय तक भूख न लगना, बुखार रहना और पेशाब का रंग पीला होना पीलिया के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सक से जांच कराने और पीलिया की पुष्टि होने पर उपचार लगातार जारी रखने की सलाह दी गई है।