बारिश के बाद गौला नदी से इस तरह मटमैले पानी की आपूर्ति हुई। स्रोत जागरूक पाठक
हल्द्वानी। बारिश के बाद गौला नदी का पानी मटमैला होने से हल्द्वानी में पेयजल शुद्धिकरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के कारण जल संस्थान को फिल्टर प्लांट में फिटकरी की खुराक सामान्य से दोगुना करनी पड़ी है ताकि लोगों तक साफ और सुरक्षित पानी पहुंचाया जा सके।
शनिवार रात हुई बारिश के बाद गौला नदी का जलस्तर बढ़कर रविवार को 80 क्यूसेक से बढ़कर 106 क्यूसेक तक पहुंच गया। काठगोदाम क्षेत्र में करीब 34 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के साथ ही पहाड़ी इलाकों से भारी मात्रा में मिट्टी और गाद नदी में आ गई जिससे पानी का रंग पूरी तरह मटमैला हो गया। जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली के अनुसार सामान्य दिनों में बैराज से आने वाले अपेक्षाकृत साफ पानी में प्रति घंटे लगभग दो सिल्ली फिटकरी डाली जाती है लेकिन मौजूदा हालात में सिल्ट बढ़ने के कारण इसकी मात्रा बढ़ाकर पांच सिल्ली कर दी गई है।
धुनी नंबर-एक में पेयजल संकट
कठघरिया धुनी नंबर-एक में बिजली उपकरण खराब होने से ट्यूबवेल से जलापूर्ति प्रभावित रही। दो दिन से पेयजल संकट से जूझ रहे 500 से अधिक की आबादी के लिए जल संस्थान की ओर से टैंकरों की भी व्यवस्था नहीं की गई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता पंकज उपाध्याय ने बताया कि फ्यूज खराब हुआ था जिसे बदलकर आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। सिंचाई नलकूप खंड का नरीपुर का ट्यूबेवल दुरुस्त कर लिया गया है जबकि खेमपुर और हरकपुर क्वीरा में मरम्मत का काम चल रहा है। जल संस्थान का चौफुला चौराहे वाला ट्यूबवेल अब तक ठीक नहीं हो पाया है।