हल्द्वानी। मौसम में बदलाव के बीच अब निमोनिया के मरीजों के साथ ही चिकनगुनिया के मामले भी सामने आने लगे हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में रोजाना दो से तीन मरीज चिकनगुनिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी में तेज बुखार के साथ जोड़ों में असहनीय दर्द और सूजन की समस्या होती है। बीमारी से ठीक होने के बाद भी कुछ मरीजों में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रहता है।
चिकनगुनिया के लक्षण कई बार डेंगू जैसी दूसरी मच्छरजनित बीमारियों से मिलते-जुलते हैं। यह एडीज प्रजाति के संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। दिन के समय काटने वाले ये मच्छर घरों के आसपास जमा साफ पानी में पनपते हैं। मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमजीत सिंह ने बताया कि बुखार, जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द और शरीर पर चकत्ते इसके प्रमुख लक्षण हैं। अचानक तेज बुखार, जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और त्वचा पर चकत्ते होते हैं। आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के तीन से सात दिन के भीतर लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा निमोनिया के मरीज भी उपचार के लिए आ रहे हैं।
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डॉक्टर की सलाह:
पर्याप्त आराम करें, पानी पीते रहें और डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू की आशंका दूर होने तक एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं खुद से न लें, क्योंकि रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। कूलर, गमले, टायर और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। दिन में भी मच्छरों से बचाव करें।