चंपावत। कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाने की उपयोगिता को बड़ों से ज्यादा बेहतर तरीके से बच्चे जान और समझ रहे हैं। इसे वे अपने व्यवहार से साबित भी कर रहे हैं। बच्चे न केवल खुद टीके लगा रहे हैं, बल्कि घरों में टीकाकरण से रह गए लोगों को भी प्रेरणा दे रहे हैं। इस कारण ज्यादातर जगह अभिभावकों को अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए कहना भी नहीं पड़ रहा है।
एक अभिभावक दिनेश भट्ट का कहना है कि बच्चे सवा साल से टीकाकरण की खूबियों और उसकी उपयोगिता को समझ चुके हैं। अब वह ही इसकी अच्छाइयां बता रहे हैं। टीकाकरण के बाद एक दिन बच्चों को विश्राम करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चों का टीकाकरण पूरा करने की कोई समय सीमा तय नहीं है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि टीकाकरण की भले ही तिथि नहीं है, लेकिन जिस तरह बच्चों में तेजी से टीके लग रहे हैं। उसे देखते हुए 20 अप्रैल तक 12 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को टीके लगने की उम्मीद है। टीकाकरण शुरू होने के पहले आठ दिनों में 9684 बच्चों में से 3179 (32.83 प्रतिशत) को टीके लगाए जा चुके हैं।
क्या कहते हैं धर्मगुरु
टीके लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं लोग
पिछले साल 16 जनवरी से शुरू टीकाकरण के बाद कोरोना से जीत का भरोसा पैदा हुआ। बड़ों से बच्चे तक सभी टीके लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। - बाबा श्याम सिंह, प्रबंधक, गुरुद्वारा, रीठा साहिब।
आपदा पर जीत हासिल की जा सकती है
कोरोना ने पढ़ाई, खेल, काम-धंधे से लेकर पूजा-पाठ तक हर ओर असर डाला। जितना जल्दी संभव हो, सभी को टीका लगा। इस आपदा पर जीत हासिल की जा सकती है।
- पवन गिरि, महंत, बालेश्वर मंदिर, चंपावत।
सावधानी से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है टीकाकरण
कोरोना काल ने मानसिक और भावनात्मक रूप से भी लोगों को तोड़ा है। इन सबसे बचने के लिए सावधानी और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है टीकाकरण।
- कच्चाहारी बाबा, पिथौरागढ़।
मस्जिद से मुनादी कराई गई
कोविड टीकाकरण के लिए मस्जिद से मुनादी कराई गई। समुदाय के लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए जागरूक किया। अभिभावकों को बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।
- सैय्यद मोहम्मद नदीम, धर्मगुरु, पिथौरागढ़
हर परिवार से संपर्क किया
समुदाय के सभी पात्र लोगों ने टीकाकरण पूरा कर लिया है। अब कम उम्र के बच्चे ही टीकाकरण से वंचित हैं। इनका टीकाकरण चल रहा है। टीकाकरण के लिए हर परिवार से संपर्क किया।
- हरजीत बाबा, धर्मगुरु, पिथौरागढ़
प्रार्थनाओं में टीका लगाने की अपील की गई
रविवार को गिरजाघर में होने वाली प्रार्थनाओं में विशेष रूप से टीका लगाने की अपील की गई। इसके अलावा फोन के माध्यम से भी सभी को टीकाकरण के लिए जागरूक किया।
नियमों का पालन करने के लिए कहा
मंदिर में आने वाले हर शख्स को टीकाकरण के लिए जागरूक किया। पूजा पाठ से लेकर अन्य कर्मकांड के लिए आने वाले सभी लोगों को नियमों का पालन करने के लिए कहा गया।
नीरज जोशी, धर्मगुरु
टीकाकरण पूरा करने की अंतिम तिथि कोई नहीं
पिथौरागढ़। स्वास्थ्य विभाग के लिए टीकाकरण के लिए कोई अंतिम तिथि तय नहीं है। प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत ने बताया कि शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष उनको कोवाक्सिन या कोर्बेवैक्स का टीका लगाया जाना है। 28 दिन बाद दूसरा टीकाकरण किया जाएगा।
टीका केंद्रों की पूरी जानकारी
पिथौरागढ़। टीका केंद्रों के बारे में बच्चों को पूरी जानकारी थी। कई बच्चे खुद ही टीका केंद्र में आधार कार्ड लेकर टीकाकरण के लिए गए या कोविन एप पर पंजीकरण कराने के बाद सीधे टीका केंद्र पहुंचे।
संशय को दूर किया
मूनाकोट ब्लॉक में प्रशासन के साथ मिलकर नोडल के तौर पर लोगों को कोविड को लेकर जागरूक किया। नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। टीकाकरण के लिए उन्हें लगातार प्रेरित करते रहे। टीकाकरण के प्रति लोगों के मन में व्याप्त संशय को दूर किया।
- बबीता पुनेठा, लक्ष्य फाउंडेशन संस्थान, पिथौरागढ़
कोरोना के भय को कम किया
स्कूल पहुंचे बच्चों में सबसे पहले उनके मन को पढ़कर उनमें कोरोना के भय को कम किया। इसके बाद उनको कोरोना का टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। जिससे संक्रमण का खतरा उनमें कम हो जाए। इसका लाभ भी मिला।
निशांत अरोड़ा, स्कूल प्रबंधक, पीएनएफ, पिथौरागढ़।
टीका केंद्र के बारे में पूरी जानकारी दी। जब से कोविड का टीका लगना शुरू हुआ तो पहले से ही टीका केंद्र के बारे में जानकारी जुटा ली थी। घरवाले भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करते रहे। -गोलू, छात्र, पिथौरागढ़।
कोविड टीकाकरण को लेकर बच्चों को लगातार प्रेरित किया। जिस तरह से पहली और दूसरी लहर में संक्रमण से कई लोगों की मौत हो रही थी तो डर बैठ गया था। जब बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ तो थोड़ी राहत मिली। -कमला, अभिभावक, पिथौरागढ़।
बच्चों की बात
टीकाकरण को लगाने से पहले कोई झिझक नहीं थी, लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। टीका लगाना तो मेरी सुरक्षा है। - रिद्धि भट्ट, चंपावत।
टीकाकरण से तो कोविड का खतरा कम होता है। इससे डरने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। टीका लगाने से आराम हो रहा है। - दीपांशु शर्मा, चंपावत।