जिलाधिकारी दीपक रावत ने जिले की वनभूमि अधिनियम के अंतर्गत लंबित सड़कों की समीक्षा करते हुए वनभूमि के अंतर्गत सभी प्रस्तावों को आनलाइन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी, एसडीएम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह एक सप्ताह के अंदर संयुक्त निरीक्षण कर पौधरोपण के लिए क्षतिपूरक भूमि वन विभाग को हस्तांतरण करने के लिए चिह्नित करें।
डीएम कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में सिविल वन पंचायत भूमि का चिन्हीकरण कर सड़क निर्माण के लिए क्षतिपूरक भूमि प्रस्तावित करें।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसके गर्ग ने बताया कि जिले में कुल 78 सड़क प्रस्तावों के सापेक्ष 53 सड़क प्रस्ताव वनभूमि हस्तांतरण के लिए आनलाइन कर दी गई है।
जबकि 25 सड़कों के प्रस्ताव के अनुरूप क्षतिपूरक भूमि उपलब्ध न होने, अलाइमेंट, भूवैज्ञानिक सर्वे आदि के कारण लंबित हैं।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी तराई पश्चिमी चंद्रशेखर सनवाल, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, एसडीएम शिवचरण द्विवेदी, राकेश कुमार तिवारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसके गर्ग, संजय कुमार पांडे, एचएस रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग मीना भट्ट, पीएमजीएसवाई एचएस हृयांकी, सहायक अभियंता सीएस पांडे आदि उपस्थित थे।