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जमरानी विस्थापितों को मिलेंगी सभी बुनियादी सुविधाएं

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jamrani
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हल्द्वानी। जमरानी बांध निर्माण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। बांध विस्थापितों के पुनर्वास की कवायद शुरू कर दी गई है। सिंचाई विभाग शासकीय मानकों के तहत विस्थापन का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। शासकीय मानकों के तहत विस्थापित होने वाले परिवारों को क्षेत्र में मौजूद सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी अनिवार्य होंगी।
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जमरानी बांध परियोजना के विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर बांध निर्माण खंड के अधिकारियों के साथ मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडे ने बैठक की। मुख्य अभियंता ने बताया कि विस्थापन के संबंध में विभागीय कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आठ नवंबर को राजस्व अधिकारियों के साथ सिंचाई अधिकारियों की बैठक होनी है जिसमें विस्थापन के संबंध में विभागीय तैयारी का पूरा ड्राफ्ट पेश किया जाएगा। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि विस्थापन में इस बात का खास ध्यान रखा जाना है कि जिस गांव के लोग विस्थापित हो रहे हैं, उस गांव में मौजूदा क्या-क्या व्यवस्थाएं या सुविधाएं हैं।
यानी अगर पंचायत घर है, कोई मंदिर है या कोई और ऐतिहासिक चीज वहां है तो मंदिर, पंचायत घर या अन्य की सुविधा विस्थापितों को नए स्थल पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा एक समुदाय, एक गांव और समान संस्कृति के लोगों को एक ही स्थल पर बसाया जाएगा ताकि उनकी सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक कार्यों में समानता बनी रहे। बैठक में जमरानी परियोजना के अधिशासी अभियंता जावेद अनवर, सहायक अभियंता आरपी जोशी, शाहनवाज, संजय सिंह, जिलेदार मोहन सिंह फर्त्याल आदि मौजूद थे।
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129 परिवारों का होना है पुनर्वास
हल्द्वानी। सिंचाई मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडेय ने बताया कि जमरानी बांध के डूब क्षेत्र के छह गांवों के 129 के 688 सदस्यों का पुनर्वास किया जाना है। उन्होंने बताया क्षेत्र के तिलवाड़ी, मुरकुदिया, गंदराद, पनियाबोर, उदवा, पस्तोला गांवों के परिवारों का पुनर्वास किया जाना है।
बांध क्षेत्र का होगा ड्रोन सर्वे
हल्द्वानी। सिंचाई मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडेय ने बताया कि जमरानी बांध स्थल का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। सभी स्थानों पर आवश्यक पिलर लगा कर डूब क्षेत्र का चिन्हीकरण कर लिया गया है। अब बांध क्षेत्र का ड्रोन से सर्वे करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ड्रोन सर्वे कराया जाएगा यह इस सर्वे के रिकार्ड को दस्तावेज के रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
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