फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे बैठे थे मानो जीवित हों, छूते ही गिर पड़े

Wed, 11 Feb 2015 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल बैंक के शाखा प्रबंधक प्रवीण भट्ट (36) का शव मंगलवार को पंजाब के अमृतसर के  रेलवे स्टेशन में मिल गया है। वहां बेंच पर बैठे मिले। जैसे ही उनके साथ में बैठे किसी व्यक्ति ने हाथ लगाया वह गिर पड़े। तब पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी थी। शायद वे मृत अवस्था में बेंच पर टिके थे। शाखा प्रबंधक पिछले एक सप्ताह से लापता थे। बैंक प्रबंधक की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत का मामला उलझ गया है। सूचना पर हल्द्वानी पुलिस और परिजन अमृतसर पहुंच गए हैं।
विज्ञापन


नैनीताल रोड अंबिका बिहार कालोनी निवासी प्रवीण भट्ट कमलुवागांजा स्थित नैनीताल बैंक में शाखा प्रबंधक थे। तीन फरवरी को वे बाइक से आफिस गए। कार्यालय में उनके पास रीजनल आफिस से एक कॉल पहुंची। जिसका जिक्र उन्होंने बैंक के कैशियर भास्कर शाह से किया। कैशियर को बताया कि उनकी पीठ में काफी दर्द है। बाइक के बजाए टेंपो से रीजनल आफिस जाएंगे। उन्होंने अपना बैग, मोबाइल और बाइक बैंक में छोड़ दिया और आफिस से निकल गए। प्रबंधक की पत्नी प्रभा भट्ट पति के मोबाइल पर फोन करती रही। मोबाइल रिसीव नहीं होने पर बैंक के लैंड लाइन पर फोन किया। कैशियर ने प्रभा को बताया कि मैनेजर साहब रीजनल आफिस गए हैं। लौटने पर घर से फोन आने की जानकारी दे देंगे।

तीन फरवरी से बैंक प्रबंधक लापता हो गए। परिजनों की तरफ से गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद भी पुलिस उनको  ढूंढ नहीं सकी। मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे बैंक प्रबंधक के पिता सीएस भट्ट के मोबाइल पर अमृतसर जीआरपी से फोन आया तो घर में मातम छा गया। ऐसा ही कॉल नैनीताल बैंक के कार्यकारी प्रबंधक नंदन सिंह तोलिया और मुखानी पुलिस के पास भी आई। बैंक मैनेजर के चाचा महेश चंद्र के मुताबिक भतीजा प्रवीण प्लेटफार्म की बैंच में मृत मिला। भतीजा बैंच पर बैठा था, लेकिन जीवित नहीं था। एक यात्री के हाथ लगाते ही जमीन पर गिर पड़ा। मुखानी थानाध्यक्ष संजय पांडेय और बैंक प्रबंधक के दूसरे चाचा श्याम दत्त, चचेरा भाई नीरज भट्ट शव लेने के लिए अमृतसर पहुंच गए हैं।
विज्ञापन


आखिर क्यों गए अमृतसर
बैंक मैनेजर के परिजनों के मुताबिक अमृतसर से उनका कोई नाता नहीं है। प्रवीण अमृतसर क्यों और कैसा पहुंचा? परिजनों और पुलिस के लिए पहेली बन गई है। हल्द्वानी पुलिस का कहना है कि प्रवीण ने अमृतसर जाने के लिए हल्द्वानी से कई ट्रेनें बदली होंगी। इससे स्पष्ट है कि वो अपनी मर्जी से गए। उनकी मौत कैसे हुई? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इसका खुलासा होगा। हालांकि, परिजन प्रवीण के अमृतसर जाने की बात को नहीं पचा पा रहे हैं।

जहर से हो सकती है मौत
अमृतसर जीआरपी प्रभारी धर्मेंद्र कल्याण के मुताबिक प्रवीण भट्ट की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। संभावना है कि उन्हें ट्रेन में ही किसी ने जहरीला पदार्थ खिला दिया या फिर उन्होंने खुद खा लिया। बैंच में बैठने के बाद उनकी वहीं मौत हो गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें