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मानसून में शिकारियों की रोकथाम के लिए कार्बेट पार्क मं अलर्ट

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रामनगर(नैनीताल)। बरसात का मौसम शुरू होते ही शिकारी सक्त्रिस्य हो जाते हैं और जंगलों में घुसकर वन्यजीवों का शिकार करते हैं। मानसून को देखते हुए कॉर्बेट पार्क प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। पार्क में शिकारियों की घुसपैठ को रोकने के लिए कॉर्बेट पार्क की दक्षिणी सीमा पर गश्त तेज कर दी गई है। ड्रोन और थर्मल कैमरों से भी पार्क पर नजर रखी जा रही है।
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मानसून सीजन में अधिक बारिश होने पर कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला और बिजरानी के अलावा अन्य गेट पर्यटकों के लिए बंद हो जाते हैं। बरसात के दौरान कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों की आवाजाही नहीं होती है। इसी का फायदा शिकारी उठाते हैं। शिकारी वन्यजीवों का शिकार नहीं कर पाएंए इसके लिए कॉर्बेट प्रशासन चौकस हो गया है।
कॉर्बेट प्रशासन की मानें तो वन्यजीवों को शिकारियों से बचाने के लिए जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है। करीब 300 फील्ड कर्मियों को जंगल में पेट्रोलिंग के लिए लगाया गया है। मानसून सीजन में चलने वाली पेट्रोलिंग को विभाग ने ऑपरेशन मानसून का नाम दिया है। कॉर्बेट नेशनल पार्क का क्षेत्रफल करीब 1288 वर्ग किलोमीटर है। पार्क का जंगल भी काफी घना है। बरसात के मौसम में ढिकाला और बिजरानी के अलावा अन्य जोन में जिप्सी चालक और गाइडों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो जाती है। बरसात में जंगल के रास्ते खराब होने और गश्त में सुस्ती आने का फायदा शिकारी उठाते हैं।
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कॉर्बेट की दक्षिणी सीमा अति संवेदनशील
बरसात शुरू होते ही शिकारियों की नजर बाघ, गुलदार और हाथी समेत अन्य जंगली जानवरों पर रहती है। सीटीआर (कार्बेट टाइगर रिजर्व) में उत्तर प्रदेश के अमानगढ़, अफजलगढ़, शेरकोट, धामपुर नगीना, नजीमाबाद और मंडावली से शिकारियों की घुसपैठ का खतरा बना रहता है। इन इलाकों से ही शिकारी कॉर्बेट पार्क में घुसपैठ का प्रयास करते हैं। दक्षिणी सीमा पर प्रत्येक दो किलोमीटर में करीब 40 वन चौकी हैं। इन चौकियों में वन कर्मियों की चौकसी बढ़ा दी गई है। सीटीआर की वन चौकियों में भरपूर राशन के अलावा मेडिकल किट भेज दी गई है। बारिश होने पर जंगल में सड़क टूट जाती है। इस वजह से वन चौकी में तैनात कर्मचारी जंगल से बाहर नहीं आ पाते। पार्क में कुछ इलाके ऐसे भी जहां वनकर्मी नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे इलाकों में शिकारियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और थर्मल कैमरे की मदद ली जाती है।
कोट
मानसून सीजन को देखते हुए कॉर्बेट पार्क में अलर्ट जारी कर दिया है। शिकारी पार्क में घुसपैठ नहीं कर सकें, इसके लिए वन कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। गश्त भी तेज कर दी गई है। थर्मल और ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
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- नीरज कुमार, उपनिदेशक कॉर्बेट पार्क
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