नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों को लेकर उपजा विवाद पुनर्मूल्यांकन के नतीजे आने के बाद और अधिक गंभीर हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रनेताओं के विरोध पर 151 छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच तो कराई गई लेकिन परिणाम छात्रों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे।
विवि के अनुसार 151 छात्र-छात्राओं में से केवल 40 ही उत्तीर्ण हो पाए हैं जबकि 111 छात्र अब भी अनुत्तीर्ण श्रेणी में हैं। बता दें कि बीएससी (जंतु विज्ञान) और बीकॉम (आयकर) के परिणामों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया था। उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि कॉपियों की जांच विषय विशेषज्ञों से कराई गई है। इधर पुनर्मूल्यांकन के चौंकाने वाले परिणामों के बाद छात्र संगठनों ने विद्यार्थियों के भविष्य पर चिंता ज़ाहिर की है। छात्रनेता अभिषेक कुमार ने कहा इतनी बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं। छात्रों के वर्ष और भविष्य को खराब होने से बचाने के लिए छात्रनेता जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय का रुख करेंगे।