हल्द्वानी। कोटा (राजस्थान) में पढ़ने वाले कुमाऊं मंडल के 262 छात्र-छात्राएं सोमवार को अपने प्रदेश पहुंचे। उन्हें यूपी रोडवेज की 10 बसें उन्हें हल्द्वानी लेकर आईं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ऊधमसिंह के विद्यार्थियों को उनके घरों को भेज दिया गया जबकि अन्य जिलों के बच्चों को हल्द्वानी में क्वारंटीन किया गया है। उन्हें मंगलवार को भेजा जाएगा।
सोमवार को रामपुर रोड स्थित विंटेज ग्रीन गार्डन में शाम छह बजे ये विद्यार्थी पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की 28 सदस्यों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। यहां प्रशासन की ओर से उनके भोजन का भी इंतजाम किया गया। ऊधमसिंह नगर के 142 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के बाद भेज दिया गया।
नैनीताल के विद्यार्थियों को एक संस्थान में क्वारंटीन किया गया है जबकि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत के बच्चों को एक बरातघर में रखा गया है। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ गुरदेव सिंह, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
कहां के कितने बच्चे
ऊधमसिंह नगर 142
नैनीताल 52
पिथौरागढ़ 32
अल्मोड़ा 14
बागेश्वर 03
चंपावत 19
किसी को खाने की परेशानी किसी को कोरोना से डर
रामनगर निवासी अमन ने बताया कि वह कोटा में मेडिकल की कोचिंग कर रहा है। लॉकडाउन के बाद उसे वहां खाने की दिक्कत हो गई। बाहर कहीं खाना नहीं मिल रहा था। कोटाबाग के राहुल और भीमताल के रोहित ने कहा कि पीने का पानी तक नहीं मिल रहा था। इंजीनियरिंग की कोचिंग कर रहे रुद्रपुर के अनिकेत ने कहा कि कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बीच उनके माता-पिता चाहते थे कि वह घर आ जाए। पिथौरागढ़ की कनक और खटीमा के विजय कुमार भी घर आने की वजह कोरोना से बचाव को बता रहे हैं। यहां पहुंचते ही सबके चेहरों पर खुशी थी।
कई खामियां रहीं इंतजाम में
उत्तर प्रदेश से आई बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग था लेकिन यात्रियों को बसों से उतारते समय यह देखने को नहीं मिला। मौके पर एक डस्टबिन का भी इंतजाम नहीं किया गया। लोगों ने खाना खाकर वहीं पर कूड़े का ढेर लगा दिया। प्रशासन लोगों के लिए सेनेटाइजर का भी इंतजाम नहीं कर पाया।
स्वास्थ्य विभाग ने की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. बृजेश बिष्ट ने हर तरह की जानकारी ली। उनसे यह भी पूछा गया कि वे किस-किस के संपर्क में आए हैं।
कोरोना संक्रमित के चलते रही अफवाह
सोमवार को जब कोटा से बसों का बेड़ा आ रहा था तब यह अफवाह उड़ी कि इनमें एक लड़की में कथित तौर पर कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। इससे लोगों में डर का माहौल रहा। बाद में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हुई कि कोई भी कोरोना मरीज नहीं लाया जा रहा है तब लोगों ने राहत की सांस ली।