नैनीताल। कानून मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित एडवोकेट संशोधन बिल 2025 के विरोध में नैनीताल जिला बार एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है। चेतावनी दी है कि 21 फरवरी शुक्रवार (आज) से पूर्ण हड़ताल की जाएगी। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने इस बिल को वकीलों की गरिमा और स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। कहा कि इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार एसोसिएशन के सचिव संजय सुयाल का कहना है कि प्रस्तावित ड्राफ्ट बिल वकीलों की आवाज को दबाने और बार एसोसिएशन की शक्ति को कमजोर करने का प्रयास है। पदाधिकारियों ने कहा कि कानून मंत्रालय की ओर से जारी संशोधन विधेयक 2025 में के तहत एडवोकेट एक्ट 1961 में कई महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे विवादित धारा 35-A है, जो वकीलों को न्यायालय में कार्य के बहिष्कार करने से रोकने का प्रावधान करती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया। अधिवक्ता के मुवक्किल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर इसकी जिम्मेदारी वकील की होने के प्रावधान की भी बार पदाधिकारी व सदस्यों ने मुखालफत की है। इस बिल के लागू होने से उनकी स्वतंत्रता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और अधिवक्ताओं के अधिकार सीमित हो जाएंगे। जिला बार ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग की है।