राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में स्नातक वन में अब बिना मेरिट के एडमिशन शुरू कर दिए गए हैं। पांच अगस्त तक छात्राएं बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम सेमेस्टर में एडमिशन ले सकती हैं। यह आदेश सोमवार को कॉलेज प्रशासन ने उच्चशिक्षामंत्री की फटकार के बाद जारी किए।
बता दें कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी महिला डिग्री कॉलेज में नहीं बढ़े एडमिशन की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके साथ ही छात्राओं को एमबी कॉलेज में एडमिशन लेने की सलाह देकर लौटाने की शिकायत कुछ छात्रासंघ पदाधिकारियों ने उच्चशिक्षामंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश से की थी।
उच्चशिक्षामंत्री ने छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस बिष्ट और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एमसी भगत को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी छात्रा उच्चशिक्षा से वंचित न रहे इसलिए अब बिना मेरिट के एडमिशन किए जाएं।
स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिए जिन छात्राओं के आवेदन फार्म जमा हैं उन्हें हर हाल में एडमिशन दिया जाए। उच्चशिक्षा मंत्री की हिदायत के बाद सोमवार को कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और बिना मेरिट के एडमिशन का नोटिस निकाल दिया गया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बिष्ट के अनुसार वर्ष 2016-17 के बीए, बीएससी एवं बीकॉम प्रथम वर्ष के प्रवेशार्थियों के लिए उच्चशिक्षामंत्री के निर्देशानुसार उक्त कक्षाओं में मेरिट को शिथिल कर दिया गया है। अब जो भी छात्रा बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष में एडमिशन लेना चाहे, वे पांच अगस्त तक एडमिशन ले सकती है।